काशीपुर। उद्योगपतियों का मानना है कि जीएसटी (सेवा एवं उत्पाद कर) लागू होने से कालाबाजारी पर रोक लगेगी। जीएसटी से शुरुआत में कुछ प्रकार के उत्पाद मंहगे हो सकते हैं। पीएचडी चैंबर उत्तराखंड के को-चेयरमैन राजीव घई कहते हैं कि जीएसटी लागू होना बिजनेस और उद्योगों के लिए फायदेमंद होगा। इससे दो नंबर माल बिकना बंद हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि जीएसटी में दरोें में बदलाव करने का प्रावधान है। इस पर नियंत्रण रखना होगा। जीएसटी लागू होने से सामान्य खपत की चीजें सस्ती हो जाएंगी और लग्जरी चीजें महंगी हो सकती हैं। पेपर यूनिट चैप्टर अध्यक्ष पवन अग्रवाल के मुताबिक जीएसटी से अवैध कारोबार पर रोक लगेगी। इसके लिए यह भी जरूरी है कि जीएसटी में दर कम रखी जाए। जीएसटी को आसान रखा जाए। जीएसटी लागू होने पर शुरुआत में कुछ उत्पादों की कीमतें बढ़ सकती हैं। यह वृद्धि तीन से छह माह तक रह सकती हैं।
केजीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र कुमार सिंघल कहते हैं कि जीएसटी लागू होना फायदेमंद है। वर्तमान में सेंट्रल सेल टैक्स में 25 करोड़ से कम प्लांट एंड मशीनरी वाले उद्योगों को एक प्रतिशत की छूट मिल रही है। जीएसटी में यह दो प्रतिशत है। यदि 25 करोड़ से कम प्लांट एंड मशीनरी वालों को पूर्व की भांति टैक्स में छूट नहीं मिलती है तो उद्योगों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। जीएसटी में इस बात का भी ध्यान रखा जाना चाहिए कि जो सुविधाएं मिल रही हैं, वह मिलती रहें।
केजीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष योगेश जिंदल के मुताबिक जीएसटी लागू होने से टैक्स का भार कम होगा और इसका सीधा लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा। जीएसटी में चार टैक्स स्लैब हैं, जो उचित नहीं है। इसे घटाकर दो में तब्दील करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीएसटी प्रणाली की प्रक्रिया को सरल बनाना होगा ताकि उद्योगों को कोई दिक्कत न हो।