कुमाऊं गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की 27वीं वार्षिक आम सभा को संबोधित करते हुए नवनियुक्त अध्यक्ष अशोक बंसल ने कहा कि अक्सर जिले में आने वाले अधिकारी उद्योगों को अपना चारागाह समझते हैं और तुगलकी फरमान जारी कर देते हैं। उद्योगपति अधिकारियों के तुगलकी फरमानों से डरने वाले नहीं हैं और उनका डटकर मुकाबला करने में सक्षम हैं।
बुधवार को 27 वीं वार्षिक आमसभा का आयोजन बाजपुर रोड स्थित चैंबर के सभागार में किया गया। यहां पर बंसल ने कहा कि उद्योगपतियों की समस्याओं को चैंबर के माध्यम से समय-समय पर उठाया जाता है और उसका समाधान भी हर स्तर पर होता है। पिछले दिनों वित्त मंत्री के साथ रुद्रपुर और देहरादून में हुई चैंबर की मीटिंग में कई निर्णय हुए। जिसका उद्योग जगत को लाभ हुआ। कहा कि चंदा मांगने वाले छात्रसंघ, गुंडों आदि अराजक तत्वों से घबराने की जरूरत नहीं है। चैंबर सभी उद्योगपतियों के साथ खड़ा है। वरिष्ठ उद्योगपति योगेश जिंदल ने कहा कि औद्योगिक आस्थानों में शांति का वातावरण बने, इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। राज्य और केंद्र सरकार के स्तर पर ऐसी नीतियां बने जिसका सभी को लाभ मिले। बैठक को केजीसीसीआई के निवर्तमान अध्यक्ष विकास जिंदल, पूर्व अध्यक्ष दरबारा सिंह, जितेन्द्र कुमार संगल, योगेश कुमार जिंदल और सुरेश कुमार ने भी संबोधित किया। संचालन केजीसीसीआई महासचिव आरके गुप्ता ने किया। बैठक में विजय जिंदल, मदन मोहन जिंदल, पुनीत सिंघल, आरएस यादव, बीएस सहरावत, कुलदीप सिंह, अनूप सिंह, पुष्पेन्द्र मोहन सिंघल, मुनीश बंसल, भरत सैगल, एसके मित्तल, एलएमसी भट्ट, प्रवीन पंवार, आरबी बिरादर, आरपी सिंह, सुमित लखोटिया, रमेश नेगी, हरिप्रकाश शर्मा, सुधीर मिश्रा, अभिषेक अग्रवाल, अमित अग्रवाल, संजय अग्रवाल, निमिष अग्रवाल, कमल अग्रवाल, सुधान्शु जिंदल, श्रीकर सिन्हा, राम कुमार अग्रवाल, एमके सिंह, विनीत सिंह, विनीत अग्रवाल, तनुज अग्रवाल, बीएस मेहता, सन्तोष अग्रवाल, शरत गोयल, संजय गोयल, केजीसीसीआई के देहरादून कार्यालय के अधिशासी अधिकारी सत्यप्रकाश गोयल आदि उपस्थित थे।