कुमायूं गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की होती बैठक। स्रोत : केजीसीसीआई
काशीपुर। खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध का असर अब दिखने लगा है। युद्ध के चलते कच्चे माल की कीमतों में 40 से 50 फीसदी तक बढ़ोतरी हो गई है। समस्या की गंभीरता को देखते हुए केजीसीसीआई की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें उद्योग जगत को आ रही परेशानियों को लेकर जल्द ही सरकार से प्रतिनिधिमंडल मिलेगा।
कुमायूं गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की बुधवार को मैनेजिंग कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में सभी पदाधिकारी रहे और सभी ने खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध को लेकर चिंता जताई। केजीसीसीआई के अध्यक्ष पवन अग्रवाल ने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में चल रहे युद्ध और अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियों का सीधा प्रभाव उद्योग पर पड़ा है। कच्चे माल की कीमतों में 40 से 50 फीसदी की वृद्धि हो गई है। उत्पादन लागत काफी बढ़ गई है, जिससे उद्योग के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। स्टील की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है और तेल की कीमतें बढ़ने से परिवहन और अन्य उत्पादन लागत भी बढ़ गई है।
औद्योगिक गैसों के दामों में भी लगभग 30 प्रतिशत की बढ़ौतरी दर्ज की गई है। बाजार में कई तेल आधारित उत्पादों की कमी भी देखने को मिल रही है, जिससे उद्योग की उत्पादन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। यदि यही स्थिति बनी रही तो छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए उत्पादन जारी रखना मुश्किल हो सकता है। बताया कि दो साल पहले चावल उद्योग के एक्सपोर्ट खोला गया था लेकिन अब कंटेनर के दाम बढ़ गए है। वहीं पेपर उद्योग के लिए भी कच्चा माल बाहर से आता है, जो आ नहीं पा रहा है। पेपर मिलों के पास 15 से 20 दिन का कच्चा माल ही मौजूद है। कोयल के दाम बढ़ने से भी उद्योग के सामने समस्या खड़ी हो गई है। इस मौके पर जनरल सैकेटरी नितिन अग्रवाल, देवेंद्र कुमार अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष अशोक बंसल, पूर्व विनीत सिंघल, संदीप जिंदल, आरके गुप्ता, आलोक गोयल आदि रहे।