सितारगंज। एक वार्डवासी ने अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर गलत रिपोर्ट देने का आरोप लगाया है। कहा कि गलत रिपोर्ट देने से उसके दो नवजात शिशुओं की मौत हो गई। उसने पुलिस से कार्यवाही की मांग की। जिस पर कोतवाल ने सीएमओ को मामले की जांच कराने के लिए पत्र लिखा है।
वार्ड नंबर दो निवासी विनय गुप्ता ने कोतवाली पहुंच पुलिस को तहरीर दी। जिसमें कहा कि उसकी गर्भवती पत्नी श्रीतिलता का छह मई को नगर के एक नर्सिंग होम से अल्ट्रासाउंड कराया था। डाक्टर ने अल्ट्रासाउंड जांच में साढ़े तीन माह के जुड़वा बच्चों की रिपोर्ट दी थी। छह माह बाद पत्नी को पीलीभीत के एक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराया तो उसने भी जुड़वां बच्चों की रिपोर्ट दी। 14 अगस्त को श्रीतिलता ने मैकू लाल विरेंद्र नाथ अस्पताल में तीन नवजात शिशुओं को जन्म दिया। जिससे दोनों अस्पतालों की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट गलत साबित हुई। डिलीवरी के दौरान एक नवजात बच्चे की मौत हो गई। दो शिशुओं का निजी अस्पताल में इलाज कराया। जहां इलाज के दौरान 16 अगस्त को एक और शिशु ने दम तोड़ दिया। तीसरे बच्चे को हल्द्वानी के निजी अस्पताल रेफर किया गया। यहां 45 दिन इलाज होने के बाद शिशु को एम्स अस्पताल दिल्ली रेफर किया गया। कहा कि डाक्टरों की अल्ट्रासाउंड की गलत रिपोर्ट के कारण उसके दो शिशुओं की मौत हो गई और अब तक इलाज में वह करीब छह लाख रुपये खर्च कर चुका है। उसने पुलिस से आरोपी सेंटरों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की मांग की। कोतवाल चंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि मामले की जांच के लिए सीएमओ को पत्र लिखा है। जांच के बाद कानूनी कार्यवाही की जाएगी।