रुद्रपुर। सरकारी अस्पताल में प्रसव के लिए चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से शुरू की गई ईजा-बोई शगुन योजना का दो साल में जिले की 10,533 महिलाओं ने लाभ उठाया है। इस योजना के तहत प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा को सरकारी अस्पताल में कम से कम 48 घंटे (दो दिन) तक रुकना होता है। यह योजना उत्तराखंड की स्थायी निवासी गर्भवतियों के लिए है।
सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल ने बताया कि इस योजना के तहत सरकारी अस्पताल में प्रसव के बाद महिला को 2,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा का मुफ्त इलाज किया जाता है। प्रोत्साहन राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। सीएमओ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2024-25 में जिले की 5,200 महिलाओं ने योजना का लाभ उठाया। वर्ष 2025-26 में 5,333 प्रसूता महिलाओं को योजना का लाभ मिला। सीएमओ ने बताया कि गर्भवतियों को सरकारी अस्पतालों में प्रसव के लिए लगातार प्रेरित किया जा रहा है।