डीएलएम के आदेश नहीं मानते हुए शांतिपुरी इमलीघाट गेट के इंचार्ज ने उपखनिज निकासी गेट खोल दिया। इसपर डीएलएम ने इंचार्ज से स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
शांतिपुरी इमलीघाट गेट में हो रहे अवैध खनन और कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए, वन निगम के डीएलएम महेश शर्मा ने शांतिपुरी इमलीघाट गेट बंद करने के आदेश जारी किए थे। वहीं तराई पूर्वी वन प्रभाग के डीएफओ ने भी सीसीटीवी फुटेज मंगाते हुए, अवैध खनन करने वालों पर कार्रवाई नहीं होने तक अधिकारियों को गेट बंद करने के निर्देश दिए थे।
लेकिन गेट इंचार्ज ने ये आदेश न मानते हुए इमलीघाट गेट खोल दिया। इससे अधिकारियों में खलबली मच गई। आनन-फानन में डीएलएम महेश शर्मा ने गेट इंचार्ज को पत्र लिखकर आदेश नहीं मानने और गेट खोलने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं उन्होंने कर्मचारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी गेट इंचार्ज की तय की है।
बता दें कि इमलीघाट गेट के इंचार्ज अखिलेश चतुर्वेदी ने शांतिपुरी इमलीघाट गेट में हो रहे अवैध खनन और अवैध खनन में लिप्त लोगों द्वारा अभद्रता करने, गाली-गलौज करने और जानमाल का खतरा बताते हुए गेट चलाने से हाथ खड़े कर दिए थे। उन्होंने स्टाफ का दूसरे गेट में स्थानांतरण करने की बात की थी। डीएलएम महेश शर्मा ने उच्च अधिकारियों को कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पत्र लिखकर गेट बंद करने की बात की थी। जिस पर डीएलएम ने गेट तीन दिन के लिए बंद कर दिया।