जसपुर में साढ़े सात महीने पहले पकड़ी गई 18 करोड़ की जीएसटी चोरी के मामले में शामिल लाेगों पर शिकंजा कस रहा है। मुख्य आरोपी को सलाखों के पीछे भेजने के बाद राज्य कर विभाग ने पूरे गड़बड़झाले में शामिल लोगों की सूची जिला प्रशासन से साझा कर सरकारी संपत्तियों पर कब्जे का अंदेशा जताया। जिस पर डीएम ने जसपुर एसडीएम को मामले में जांच के आदेश दिए हैं। इस मामले में शामिल आरोपियों की जल्द ही राज्य कर विभाग की टीम गिरफ्तारी कर सकती है।
राज्य कर विभाग की एसआईट ने चार मार्च 2023 को जसपुर के लकड़ी व्यापारियों, ट्रांसपोटर्स, अधिवक्ताओं और चाटर्ड अकाउंट के आवास व दफ्तरों पर छापा मारकर 18 करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी थी।
इसमें फर्जी फर्मों के जरिये कारोबार करने के साथ ही फर्जी बिलिंग से जीएसटी चोरी की जा रही थी। टीम ने मुख्य आरोपी शाहनवाज हुसैन के घर को सील कर दिया था और 15 मई को प्रशासन की मौजूदगी में उसके घर की सील खोली गई थी।
इस दौरान टीम ने विभिन्न फर्मों के बिल, ई-वे बिल, बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, मोहरें, कांटा पर्चियां, मोबाइल फोन बरामद किए थे। इसके अलावा अन्य जगहों से मोबाइल फोन, लैपटाॅप, सिम कार्ड, हार्ड डिस्क, पैन ड्राइव, सीसीटीवी डाटा भी मिला था। 22 अक्तूबर को एसआईटी ने मुख्य आरोपी शाहनवाज हुसैन को जसपुर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। एसआईटी ने इस गड़बड़झाले में करीब 19 लोगों को चिह्नित किया है।
इनमें से जल्द ही लोगों की गिरफ्तारी होने जा रही है। एसआईटी को अंदेशा है कि कई लोगों के भवन और कार्यालय सरकारी जमीनों पर काबिज है। राज्य कर विभाग की ओर से इस संबंध में डीएम को पत्र दिया गया था।
कोट-राज्य कर विभाग की ओर से सरकारी संपत्तियों पर कुछ लोगों के अवैध रूप से काबिज होने की जानकारी दी गई थी। इस पर जसपुर एसडीएम गौरव चटवाल को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
-उदयराज सिंह,डीएम