सितारगंज। कैलाश नदी के उकरौली खनन क्षेत्र में निजी पट्टों की आड़ में चल रहे अवैध खनन के खेल पर प्रशासन ने नकेल कस दी है। राजस्व विभाग की टीम ने खनन क्षेत्र में छापेमारी की। टीम को देखते ही माफिया नदी तल से फरार हो गए। तहसीलदार ने निजी पट्टे का सीमांकन कराकर पिलर लगवाए। बताया कि चुनाव के दौरान अवैध खनन करने वाले दस लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ करीब 70 लाख रुपए के जुर्माने की रिपोर्ट डीएम को भेजी है।
शुक्रवार को तहसीलदार सुदेश कुमार के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने उकरौली खनन क्षेत्र में छापेमारी की। इससे खनन माफिया में हड़कंप मच गया और अवैध खनन में लगे लोग पहले ही नदी से खिसक लिए। छापेमारी के दौरान नदी में ढाई एकड़ के निजी पट्टे में खनन होता मिला। तहसीलदार ने पट्टे की पैमाइश कराई और सीमांकन के पिलर लगवा दिए। तहसीलदार कुमार ने बताया कि विधानसभा चुनाव का माफिया लाभ उठा रहे थे। नदी में अवैध खनन की शिकायतें मिल रही थीं।
आज टीम के साथ नदी में छापेमारी की लेकिन, माफिया छापेमारी की भनक लगते ही फरार हो गए। कहा कि नदी में राजस्व विभाग की टीम का लगातार दौरा रहेगा। किसी भी हाल में अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा। बताया कि अवैध खनन करने वाले दस लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ एक लाख से लेकर 70 लाख रुपए तक के जुर्माने की कार्रवाई की गई है। इसकी रिपोर्ट डीएम चंद्रेश यादव को भेजी है। टीम में कानूनगो परमेश्वरी लाल, पटवारी रामअवतार, संजय कुमार, दलजीत सिंह, संग्रह अमीन त्रिलोक शर्मा आदि थे।