ग्रामीणों की अवैध खनन की शिकायत पर किया स्थलीय निरीक्षण
गदरपुर। विधायक अरविंद पांडेय ने सीमावर्ती केलाखेड़ा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध मिट्टी खनन और ग्रामीणों पर दर्ज झूठे केस की शिकायत पर बौर नदी क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने नदी 10 फुट की नदी को 100 फुट चौड़ा देख हैरत जताई। उन्होंंने डीएम और कमिश्नर को फोन कर मामले की जांच कराने को कहा।
सोमवार को विधायक पांडेय अपने समर्थकों के साथ ग्राम खुशालपुर पहुंचे। विधायक ने चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। खुशालपुर निवासी गुरमीत सिंह और बलकार सिंह सहित कई ग्रामीणों ने पास में बहने वाली बौर नदी से बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध मिट्टी खनन का विरोध करने पर झूठे मुकदमे दर्ज करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों का आरोप था कि खनन माफिया उनके खेतों के साथ लगते खेतों से करीब 25 से 30 फुट गहराई तक मिट्टी उठवा चुका है। उन्होंने बारिश के मौसम में बौर नदी में आने वाले बाढ़ के पानी से उनके खेतों और घरों को भू कटान से खतरा पैदा होने की आशंका जताई। ग्रामीणों के अनुरोध पर विधायक ने बौर नदी के किनारे जाकर स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने डीएम नितिन भदौरिया और कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत फोन पर बात की। उन्होंने कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत से मिट्टी उठाने को लेकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की। विधायक पांडेय ने कुशालपुर के ग्रामीणों पर दर्ज झूठे मुकदमे की भी निष्पक्षता से जांच की मांग की। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही सीएम से मिलकर बौर नदी में हो रहे अवैध खनन के मुद्दे को लेकर वार्ता करेंगे। वहां पर पूर्व प्रधान सुरजीत सिंह, मनजीत सिंह बिट्टा, संजय चौधरी, जसविंदर सिंह, दिलबाग सिंह, बलदेव सिंह, रणजीत कौर, नानको कौर आदि मौजूद थे। संवाद
कोट-
गदरपुर तहसील क्षेत्र के तहत स्थानीय लेखपालों को भूमि का चिन्हीकरण करने के लिए निर्देशित किया गया है। बौर नदी का कुछ भाग बाजपुर तहसील के तहत भी आता है। जो लोग बिना पट्टों के खनन कार्य कर रहे हैं उनको चिह्नित कर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। -लीना चंद्रा, तहसीलदार, गदरपुर