भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) के तीसरे दीक्षांत समारोह में 127 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्रबंधक की मानक उपाधि प्रदान की गई। इस दौरान कोटद्वार निवासी नमन अग्रवाल को स्वर्ण, राजस्थान के भरत बंसल को मरणोपरांत रजत पदक और मुंबई निवासी प्रतीक गांवकर को कांस्य पदक दिया गया। जबकि तमिलनाडू के अश्विन मुरली को बेस्ट आलराउंड परफारमेंस मेडल से नवाजा गया।
मंगलवार को आईआईएम के आडीटोरियम में आयोजित दीक्षांत समारोह में आईआईएम बोर्ड आफ गवर्नर के अध्यक्ष ध्रुव एम साहनी ने कहा कि जीवन में अपनी प्राथमिकताएं तय करना जरूरी हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि अपना व्यक्तिगत ब्रांड विकसित करें। पूर्व छात्रों के साथ रहकर उसका लाभ लें और जीवन पर्यंत एक रिश्ता बनाए रखें। मुख्य अतिथि टाटा संस के डायरेक्टर आर गोपालकृष्णन ने कहा कि अपने जीवन में थोड़ा गुस्सा पालना चाहिए। लेकिन गुस्से को नियंत्रण में रखना होगा, तभी वह उत्पादक हो सकता है। 1980 के बाद राजनीतिक परिवर्तन के परिणामस्वरुप देश की तरक्की हो रही है। वह देश तब तक नहीं हारता जब तक युवा आशा नहीं छोड़ता। इससे पहले आईआईएम के बोर्ड आफ गवर्नर ने तीसरे बैच के पासआउट छात्र-छात्राओं को मानक उपाधि प्रदान की।
पासआउट छात्र-छात्राओं ने हवा में कैप उड़ाकर खुशी का इजहार किया। पासआउट छात्रों के परिजन भी काफी खुश नजर आए। इस मौके पर आईआईएम काशीपुर के डायरेक्टर गौतम सिन्हा, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, प्रमुख सचिव उत्तराखंड एन रविशंकर, डीएम डा. पंकज कुमार पांडे, राजेश मिश्रा, एसके वर्मा आदि मौजूद थे।