आईजी पूरन सिंह रावत ने आपराधिक वारदातों को रोकने के लिए शाम छह से रात नौ बजे तक मुख्य बाजारों में पुलिस गश्त बढ़ाने की बात कही। साथ ही कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे की आवाज पर नियंत्रण रखने के अलावा यातायात सुचारु रखने की बात कही। उन्होंने बताया कि कांवड़ मेले के दौरान उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों की पुलिस से भी मदद ली जाएगी।
एएसपी कार्यालय में मंगलवार को पत्रकारों से वार्ता में आईजी (कुमाऊं) रावत ने कहा कि देहरादून पुलिस मुख्यालय में हुई 14वीं अंतरराज्यीय समन्वय बैठक में कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने पर मंथन किया गया। साथ ही कहा गया कि कांवड़ मेले के दौरान तेज आवाज में डीजे के इस्तेमाल से जहां ध्वनि प्रदूषण होता है, वहीं हादसों की भी आशंका बनी रहती है। हाईकोर्ट ने ध्वनि का मानक तय कर दिया है। पुलिस का प्रयास रहेगा कि इस दौरान डीजे की आवाज नियंत्रित रखी जाए।
इसके लिए डीजे उपलब्ध कराने वालों से भी बात की जाएगी। ऊधमसिंह नगर में करीब 145 किमी लंबे रूट पर कांवड़ियों की आवाजाही रहती है। सर्वाधिक कावंड़िये इसी मार्ग से होकर नेपाल और यूपी को जाते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की सीमा से सटे जिले बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली और पीलीभीत के पुलिस मुखियाओं से यह अपेक्षा की गई है कि वहां से कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकें। आईजी ने कहा कि पिछले दिनों हुई आपराधिक वारदातों के खुलासे के लिए पुलिस बधाई की पात्र है। कहा कि हेलमेट और यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए सीपीयू को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
कांवड़ यात्रा पर मंथन
काशीपुर। पत्रकार वार्ता से पहले आईजी ने 28 जुलाई से शुरू होने वाले कांवड़ मेले को लेकर एएसपी कार्यालय में अधीनस्थों की बैठक ली। इसमें मेले के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रियों के स्वागत सत्कार, विश्राम एवं खानपान के लिए लगने वाले कैंप सड़क से हटकर सुरक्षित क्षेत्र में लगवाए जाएं, ताकि यातायात में व्यवधान न आए। आईजी ने सभी थाना प्रभारियों को गश्त बढ़ाने और बीट तंत्र मजबूत करने को भी कहा।
बैठक में वहां एएसपी डॉ. चंद्र के अलावा कोतवाल चंचल शर्मा, आईटीआई थाना प्रभारी कुलदीप अधिकारी, जसपुर के प्रभारी थानाध्यक्ष सुशील कुमार, एसएसआई राजेश यादव, बीके बिष्ट, मदन सिंह बिष्ट, सुप्रिया नेगी, एसएस बिष्ट, दिनेश बल्लभ, संदीप पिलख्वाल, सरोज कांबोज, रवीना सिदौला, मंजू पवार, विजय गुंसाई, गणेश चंद्र आदि थे। ब्यूरो