खटीमा में टिगरी के पास टनकपुर मार्ग पर घूमने लावारिस पशु
खटीमा। हल्दीघेरा गांव में कुमाऊं मंडल की सबसे बड़ी हाईटेक गोशाला बनकर तैयार हो गई है लेकिन लोकार्पण में देरी के कारण इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। सड़कों पर घूम रहे लावारिस पशु आए दिन ट्रैफिक जाम और सड़क दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। वहीं किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंच रहा है।
झनकट के पास दियां गांव स्थित गोशाला आठ जुलाई 2024 को बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बाद हल्दीघेरा गांव में नई हाईटेक गोशाला का निर्माण किया गया। करीब 2.8 हेक्टेयर क्षेत्र में सात करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनी इस गोशाला में लगभग दो हजार पशुओं को रखने की व्यवस्था की गई है। इसके तैयार होने के बावजूद इसके शुरू न होने से फिलहाल निराश्रित पशुओं की समस्या जस की तस बनी हुई है। टनकपुर मार्ग समेत कई प्रमुख सड़कों पर पशुओं के झुंड देखे जा रहे हैं। इससे वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कार्यदायी संस्था जिला पंचायत गोशाला का निर्माण कार्य पूरा कर चुकी है। अब सिर्फ लोकार्पण होना बाकी है। गोशाला के संचालन में आने के बाद सड़कों पर भटक रहे निराश्रित पशुओं को सुरक्षित आसरा मिल सकेगा। इससे किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान के साथ ही सड़कों पर जाम और पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की समस्या से भी काफी हद तक राहत मिल सकेगी।
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कोट-
बरसात के मौसम के कारण हाईटेक गोशाला का फिनिशिंग का कार्य पूरा नहीं हो पाया था जिस कारण लोकार्पण में थोड़ी देरी हुई। रक्षाबंधन पर्व के बाद गौशाला का लोकार्पण किए जाने की संभावना है। -अजय मौर्या, जिला पंचायत अध्यक्ष, ऊधमसिंह नगर