गदरपुर के महतोष में पुलिसकर्मियों पर हमला तस्करों की बौखलाहट का नतीजा दिख रहा है। पुलिस ने कुछ समय से पशु तस्करी के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है। इससे तस्कर अपने काम को अंजाम देने में असफल रहे हैं। काले कारोबार में अंकुश लगने से तिलमिलाए तस्करों ने एक पुलिसकर्मी की जान तक ले डाली। तस्करों के दुस्साहस और साथी की मौत से पुलिसकर्मियों में आक्रोश है।
बीते एक महीने से एसएसपी के निर्देश पर पशु तस्करी पर लगाम लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। बीते 9 नवंबर को पुलभट्टा पुलिस ने इंदिरानगर में छापा मारकर 22 जानवरों से लदा कैंटर पकड़ा था। 13 नवंबर को पुलिस ने पुलभट्टा में दो आरोपियों को चार गोवंशीय पशुओं के साथ गिरफ्तार किया था।
बीते 9 दिसंबर को किच्छा के इंदिरानगर में छापा मारकर पुलिस ने 4 क्विंटल मांस, 7 गोवंशीय पशु, भारी मात्रा में गोवंशीय पशुओं की खालें, जानवर काटने के औजार सहित 3 आरोपियों को धर दबोचा था। बताया जा रहा है कि पुलिस की सख्ती के चलते प्रतिदिन होने वाले लाखों रुपये के काले कारोबार पर काफी हद तक अंकुश लगा था। कारोबार बंद होने से तस्करों में बौखलाहट है। इसी का परिणाम महतोष में हुई घटना के रुप में देखा जा रहा है।
डीआईजी पुष्कर सिंह सैलाल कहते हैं कि हर एंगिल पर जांच की जा रही है। ये किच्छा में हुई छापेमार कार्रवाई का नतीजा है या कुछ और। ये तस्करों के गिरफ्त में आने पर पता चलेगा। पशु चोरों का गिरोह कुछ चिन्हित जगहों पर ही है, जिससे पुलिस भी अनभिज्ञ नहीं है। पुलिस को ऐसे लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए।