गूलरभोज। विधायक अरविंद पांडेय को अतिक्रमण हटाने संबंधी प्रशासन के नोटिस के बाद क्षेत्र में हलचल बढ़ गई है। सूचना पर उनके समर्थक और कई ग्रामीण उनके आवास पर पहुंचे। इस दौरान विधायक अरविंद पांडेय ने कहा कि यदि उनके कैंप कार्यालय में सरकारी जमीन पर कब्जा है, तो वह प्रशासन की कार्रवाई में सहयोग करेंगे। इसकी आड़ में किसी गरीब का आशियाना नहीं उजाड़ने देंगे। कहा कि आजादी के समय से सरकारी भूमि पर काबिज लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। उनकी लड़ाई वह स्वयं लड़ेंगे, यह लड़ाई उन्हें लड़नी आती है।
बताते चलें कि मंगलवार शाम को तहसील प्रशासन की टीम ने विधायक अरविंद पांडेय के आवास पहुंचकर 0.158 हेक्टेयर में अवैध निर्माण को तोड़ने का 15 दिन का समय दिया है। यह सूचना क्षेत्र में आग की तरह फैल गई। उनके समर्थक और कई जनप्रतिनिधि उनके आवास पर पहुंचे। बुधवार सुबह भी उनके घर पर लोगों का तांता लगा रहा। विधायक अरविंद पांडेय ने कहा कि यदि उनके आवासीय परिसर के समीप किसी सरकारी भूमि पर उनके द्वारा कब्जा किया गया है तो वह प्रशासन की कार्रवाई में सहयोग करेंगे। लेकिन उनकी आड़ में किसी भी गरीब का आशियाना न उजाड़ा जाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के कई इलाकों में लोग कई दशकों से भी अधिक समय से सरकारी भूमि पर काबिज हैं। उन लोगों को बिल्कुल भी घबराने की जरूरत नहीं है। कुछ षडयंत्रकारियों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जो नायक होता है वह दुश्मनों से लड़ता है और खलनायक अपनों से लड़ता है। यही कुछ यहां चरितार्थ हो रहा है। भारतीय जनता पार्टी में ऐसे चंद अवसरवादी लोग भी आ गए हैं जो लोगों में दहशत पैदा करना चाहते हैं। क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा नहीं होने दिया जाएगा। गरीब की लड़ाई जमीनी स्तर से लड़ी जाएगी। किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे अवसरवादी नेताओं के लिए अपनी पार्टी बीजेपी को बदनाम नहीं होने देंगे। कांग्रेस के कार्यकाल में जब लोगों पर जुल्म होते थे, उनके लिए लड़ाई लड़ने पर हमें जेल में डाला गया। उन पर मुकदमों की स्वयं सीबीआई की जांच की मांग की। जांच के बाद हम निर्दोष साबित हुए। कुछ भ्रष्टाचारी नेताओं की मंडली पुलिस अधिकारियों से माल इकट्ठा करके अपने आका तक पहुंचा रहे हैं जिसके चलते कई युवा परेशान हैं। बाजपुर क्षेत्र में किसान युवा सुखवंत सिंह की आत्महत्या भी यही वजह बनी। इस मामले की उन्होंने सीबीआई जांच की मांग की, जिसकी कीमत उन्हें चुकानी पड़ रही है। मेरे खिलाफ हो रही कार्रवाई की आड़ में सरकारी भूमि पर वर्षों से रह रहे गरीब लोगों में दहशत फैलाई जा रही है। उनके रहते इस षड्यंत्र को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
-वर्जन
मैं संघ का स्वयंसेवक हूं, प्रचारक की भूमिका भी निभाई है। भाजपा ने मुझे चेयरमेन, विधायक, कैबिनेट मंत्री तक बनाया है। मैं भाजपा को षड्यंत्रकारियों के चंगुल में नहीं फंसने दूंगा। कुछ लोग अपने आका को खुश करने के लिए मेरे खिलाफ अनर्गल आरोप लगवा रहे हैं। यदि मैं दोषी हूं तो मेरे खिलाफ सीबीआई जांच होनी चाहिए परंतु इसकी आड़ में किसी गरीब का आशियाना नहीं उजाड़ने दिया जाएगा।
-अरविंद पांडेय, विधायक गदरपुर।