आंटी मै खो गई हूं, मेरे घर वालों को खोजो। बाजार में परिजनों से बिछुड़कर जब मासूम ने ड्यूटी पर तैनात महिला कांस्टेबलों से गुहार लगाई तो उनका दिल पसीज गया। मदद के लिए आगे गए व्यापारी को बच्ची ने पिता के नाम के साथ ही फेसबुक चलाने की जानकारी भी दी। जब उन्होंने फेसबुक में बताए गए नाम को खोजा तो बच्ची ने अपने पिता का फोटो पहचान लिया। करीब ढाई घंटे मशक्कत के बाद बच्चेे को उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया।
शनिवार की सुबह मुख्य बाजार में ड्यूटी पर तैनात महिला कांस्टेबलों के पास छह वर्षीय एक बच्ची आई। उसने ताऊ के लड़के से बाजार में बिछुड़ने की बात कहते हुए परिजनों को खोजने की गुहार लगाई। इसी बीच वहां से व्यापारी नेता लाजपत सेतिया अपने बेटे के साथ गुजर रहे थे। उन्होंने लड़की से नाम पूछा तो प्राची और पिता का नाम आदित्य पंत बताया। इससे ज्यादा वह कुछ नहीं बता पाई। बच्ची ने अपने पिता द्वारा फेसबुक चलाने की जानकारी दी तो लाजपत ने फेसबुक खोलकर एकाउंट जांचे। फेसबुक में आदित्य की फोटो को प्राची ने पहचान लिया। लाजपत ने बताया कि फेसबुक में आदित्य का मोबाइल नंबर नहीं था।
इस कारण शहर में पंत परिवारों से संपर्क साधा गया। उन्होंने बताया कि करीब ढाई घंटे के बाद आदित्य से संपर्क हो पाया और उन्हें बुलाकर बच्ची के सुपुर्द कर दिया गया। बच्ची अपने परिवार के साथ चंपावत में रहती है। उसके पिता शिक्षक हैं। वह अपने परिवार के साथ ताऊ आलोक पंत निवासी गीता भवन के पास आई थी। वह ताऊ के बेटे के साथ बाजार आई थी और उनसे बिछुड़ गई थी।