रामपुर से काठगोदाम फोरलेन के शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचे केंद्रीय सड़क एवं भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने अपने संबोधन के दौरान पूरा फोकस उत्तराखंड पर ही रखा। केंद्र सरकार की उपलब्धियों को गिनाने के बाद केंद्रीय मंत्री गडकरी उत्तराखंड राज्य के लिए विकास योजनाओं को बताने लगे।
इसे चाहे आगामी विधानसभा की चुनावी हलचल से देखें या फिर राज्य के प्रति भाजपा का लगाव लेकिन उन्होंने अपनी घोषणाओं की चासनी से प्रदेश संगठन को मिठास का अहसास करा दिया।
उन्होंने कहा कि जब वह पार्टी में राष्ट्रीय अध्यक्ष पर पद थे तो उन्होंने अपने परिवार के साथ चारधाम की यात्रा की थी। उस दौरान वहां की सड़कों की दशा को देखते हुए उन्हें गहरी पीड़ा हुई। इसीलिए उन्होंने तय किया कि अब बद्री-केदार, गंगोत्री और यमुनोत्री के लिए नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा।
चारधाम यात्रा में 900 किमी की नई सड़कों का निर्माण किया जाना है और इन सड़कों पर करीब 11 हजार करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी। उन्होंने बद्रीनाथ और केदारनाथ में आई आपदा पर कहा कि उसकी पुनरावृत्ति नहीं होगी। इसके लिए केंद्र सरकार काफी गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य की घोषणा भी अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में हुई थी इसलिए इस राज्य से भाजपा को ज्यादा लगाव है।
इसके साथ ही गडकरी ने सीधे तौर पर कहा कि मानसरोवर की कठिन यात्रा को भी अब आसान बनाया जा रहा है। पिथौरागढ़ से गुंजी होते हुए मानसरोवर तक सड़क का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले साल के अप्रैल तक मानसरोवर तक सड़क पहुंचा दी जाएगी।