अमरोहा के मोहल्ला शाही चबूतरा में धू-धूकर जलता रेडीमेड कपड़ों का गोदाम। अमर उजाला
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बाजपुर। कोसी नदी खनन घाट के पास मंगलवार दोपहर लगी आग से मजदूरों की 20 झोपड़ियां जल कर राख हो गईं। इस दौरान एक झोपड़ी में सो रहा सात माह का मासूम भी जिंदा जल गया। अचानक फैली आग से वहां अफरा-तफरी मच गई। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। हालांकि कुछ लोगों का कहना था कि किसी के जलती बीड़ी फेंकने से आग लगने लगी है। हादसे के बाद राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर मदद का भरोसा दिलाया।
प्राइमरी स्कूल के पास रामऔतार की झोपड़ी के पास दोपहर लोगों ने धुआं उठते देखा। जब तक लोग वहां पहुंचते आग विकराल रूप धारण कर चुकी थी। एक के बाद एक 20 झोपड़ियों में आग लग गई। अफरा-तफरी के बीच वहां चीख पुकार मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि रामऔतार की झोपड़ी में सो रहा उसका सात माह का मासूस बच्चा प्रियांशु भी आग में जिंदा जल गया।
लोगों को उसके बचाने तक का मौका तक नहीं मिला। आग में आसिफ, जयप्रकाश, धर्मवीर सिंह, जसवंत सिंह, ओमप्रकाश, सतपाल, धर्मपाल, सतपाल, राजू, मोहनलाल, चंदा, प्रेमलाल, पिंटू, जय सिंह, विजयपाल, मिश्री लाल, चरन सिंह, रामऔतार, तारा सिंह आदि मजदूरों की झोपड़ियां सामान सहित जलकर राख हो गईं। आग में तारा सिंह की गाय भी झुलस गई। तहसीलदार केके पाल सिंह, पटवारी कल्लू सिंह, नरेंद्र कुमार आदि मौके पर पहुंचे और पीड़ितों का हालचाल जाना। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट बनाकर एसडीएम को भेजी गई है। पीड़ितों को नियमानुसार आर्थिक सहायता दी जाएगी।