रुद्रपुर। वर्षों से उठ रही मांग के बाद रुद्रपुर के सरदार भगत सिंह कॉलेज में बने छात्रावास के गेट पर लगे ताले भी जंक खा चुके हैं और भवन को झाड़ियों ने घेर लिया है। इसका कारण है कि शासन स्तर से कोई एसओपी जारी नहीं हुई है जिस कारण कॉलेज प्रशासन भी इसे न खोलने को मजबूर है।
बीते वर्ष करीब 4.5 करोड़ की लागत से तैयार आई लैब और छात्रावास बनाया गया था। छात्रावास में 30 छात्राओं के रहने की व्यवस्था है। इसका उद्देश्य दूर-दराज के ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों से पढ़ने आने वाली छात्राओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराना है लेकिन भवन तैयार होने के बाद भी इसका संचालन शुरू नहीं किया जा सका है। छात्र-छात्राओं का कहना है कि वर्षों की मांग के बाद छात्रावास तो बन गया लेकिन इसका लाभ अभी तक किसी को नहीं मिल पाया है।
महाविद्यालय प्रशासन का कहना है कि छात्रावास शुरू करने का निर्णय शासन स्तर पर होना है। संचालन के लिए एसओपी तैयार की जा रही है। इसके बाद आवश्यक टेंडर प्रक्रिया पूरी होगी और सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद छात्रावास छात्राओं के लिए खोल दिया जाएगा। वहीं, छात्र नेताओं ने भी इसके जल्द संचालन की मांग की है। उनका कहना है कि अगर संचालन जल्द शुरु नहीं हुआ तो छात्र आंदोलन को बाध्य होंगे। संवाद
दूर-दराज से आने वाली छात्राओं को मिलेगी सुविधा
छात्रावास शुरू होने के बाद सबसे अधिक लाभ उन छात्राओं को मिलेगा जो ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों से उच्च शिक्षा के लिए रुद्रपुर आती हैं। 30 छात्राओं की क्षमता वाले इस छात्रावास में सुरक्षित आवास की व्यवस्था होगी जिससे रोजाना लंबी दूरी तय करने की परेशानी खत्म होगी। समय और यात्रा खर्च दोनों की बचत होगी और छात्राएं पढ़ाई पर अधिक ध्यान दे सकेंगी।
छात्रों का कहना
दूर-दराज से कॉलेज आने वाली छात्राओं को बेहतर सुविधा मिलेगी। छात्रावास शुरू होने से रोजाना की परेशानी खत्म होगी। शासन को जल्द एसओपी जारी कर छात्रावास खोलना चाहिए। - रिया शर्मा, बीए तृतीय वर्ष
भवन तैयार होने के बावजूद उसमें ताला लगा हुआ है। छात्राओं को लंबे समय से इसके संचालित होने का इंतजार है। अब केवल आश्वासन नहीं छात्रावास का संचालन शुरू होना चाहिए। - नेहा वर्मा, बीएससी द्वितीय वर्ष
छात्रावास का निर्माण छात्राओं की सुविधा के लिए हुआ है, इसलिए इसे जल्द शुरू किया जाना चाहिए। भवन तैयार होने के बाद भी इसका बंद रहना निराशाजनक है। - पूजा जोशी, एमए प्रथम वर्ष
कोट
शासन स्तर पर एसओपी तैयार की जा रही है। उसके बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी होगी। शासन के अनुपालन में ही ही 30 छात्राओं की क्षमता वाले छात्रावास का संचालन शुरू किया जाएगा। - डॉ. अवधेश नारायण सिंह, प्राचार्य