सितारगंज में मुकेश वर्ष 1999 में उत्तर प्रदेश होमगार्ड में भर्ती हुआ था। ड्यूटी के दौरान गाड़ियों को रोककर अवैध वसूली करते पकड़े जाने के बाद उसे होमगार्ड से बर्खास्त कर दिया गया। इसके बाद छोटे-मोटे जुर्म करते-करते उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा।
सितारगंज में मुकेश यादव वर्ष 1999 में उत्तर प्रदेश होमगार्ड में भर्ती हुआ था। मुरादाबाद थाने में ड्यूटी के दौरान गाड़ियों को रोककर अवैध वसूली करते पकड़े जाने के बाद विभागीय कार्रवाई में उसे होमगार्ड से बर्खास्त कर दिया गया। इसके बाद छोटे-मोटे जुर्म करते-करते उसने अपराध की दुनिया में अपनी पैठ बना ली। इसके चलते मुरादाबाद में उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हो गए और आए दिन पुलिस उसके घर आने लगी। इससे पूरा परिवार परेशान रहने लगा।
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पूछताछ में मुकेश ने बताया कि आपराधिक मुकदमों से बचने के लिए उसने अपने परिजनों के साथ मिलकर खुद को मृत घोषित करने के लिए अपने ही कद काठी के मनिंदर उर्फ मनी की हत्या कर उसके शव को अपनी पहचान देने और फिर लालच देकर 28 जुलाई 2015 को कार में की बिठाकर रुद्रपुर ले आया और खूब शराब पिलाई। रात करीब नौ बजे जब वह रुद्रपुर पहुंचा तो उसे उसका अन्य साथी हैप्पी मिला। सिसैया में सुनसान जगह पर कार रोकी और शराब पीने लगे।
मनिंदर के नशे में धुत होने के बाद रात करीब एक बजे एक बड़े पत्थर से उसके सिर पर दो-तीन बार जोरदार वार किया। इसके बाद उसने अपना आधार कार्ड और एक डायरी को उसकी जेब में डालकर हैप्पी की मदद से सामने से आ रहे वाहन के नीचे धक्का दे दिया और वहां से फरार हो गए। भारी वाहन से कुचलने पर मनिंदर की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद उसके परिजनों ने सितारगंज अस्पताल में पहुंचकर शव की शिनाख्त मुकेश यादव के रूप में की। शव का पोस्टमार्टम करा कर धरम ने नगर पालिका सितारगंज से मुकेश यादव के नाम का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा लिया।
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शाहजहांपुर में मुनेश के नाम से रह रहा था मुकेश, 2022 में हुआ था गिरफ्तार
घटना को अंजाम देने के बाद मुकेश पुलिस से बचने के लिए नाम बदलकर शाहजहांपुर यूपी में रह रहा था। साल 2022 में मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। उस दौरान उसने पुलिस को सितारगंज के किसी अज्ञात शव को स्वयं की पहचान देकर धोखे से अपना मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाना कबूल किया था। उसने बताया था कि उसने आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट सहित अन्य कागजातों में अपना नाम बदलकर मुनेश यादव किया है।
हैप्पी का सुराग नहीं
कुख्यात अपराधी मुकेश यादव का मनिंदर की हत्या में साथ देने वाले हैप्पी का पुलिस को सुराग नहीं मिला। सूत्रों से मालूम चला है कि हैप्पी भी आपराधिक किस्म का व्यक्ति था। उस पर भी कई प्रकार के मुकदमे चल रहे थे। इधर चर्चा है कि किसी अन्य मामले में हैप्पी की भी हत्या कर दी गई।