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‘मोरे कान्हा जो आए पलट के अब के होरी खेलूंगी मैं डट के’

Mon, 20 Feb 2017 12:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, रुद्रपुर।
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रुद्रपुर में होली गायन - फोटो : अमर उजाला
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रुद्रपुर। शैल सांस्कृतिक समिति शैल परिषद की ओर से बैठकी होली आयोजित की गई। इसमें लोकगायकों ने पूरी रात होली गायन कर धूम मचाई। विभिन्न रागों पर होली गायन के साथ लोग झूमने को मजबूर हो गए। गंगापुर रोड स्थित शैल भवन में होली महोत्सव का आगाज बैठकी होली के साथ हुआ। कोतवाल नित्यानंद पंत ने शुभारंभ किया।
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कुमाऊं के विभिन्न जिलों से पहुंचे होल्यारों ने झिंझोटी, राग श्याम कल्याण, राग काफी, जंगला काफी, खम्माच, सहाना, विहाग आदि रागों पर होली गायन कर श्रोताओं को झूमने के लिए मजबूर कर दिया। सुप्रसिद्ध होल्यार प्रभात साह ने राग मधुवंती पर आधारित ‘मैं जल जमुना भरण जात चली’ से होली गायन का शुभारंभ किया।

हेम पांडे ने ‘होरी मैं गाऊंगी बहुत दिनों के रूठे श्याम को मनाऊंगी’। संदीप गोरखा ने ‘मोरे कान्हा जो आए पलट के अब के होरी खेलूंगी मैं डट के’, ललित ने ‘जिसे पहनूं मैं सारी उमरिया पिया रंग मोरी चुनरिया’। शेखर पांडे, ललित जोशी ने ‘नाचत हरि मेरे पिया श्याम सुंदर बरस’।
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नरेश चिन्याल ने ‘रंग छाया है चहुं दिस ओर बसंत ऋतु आ रही’ जैसे होली गीत सुनाकर समां बांध दिया। प्रात:काल राग भैरवी के गायन के साथ समापन हुआ। कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष भारत लाल साह, महामंत्री दिवाकर पांडे, उपाध्यक्ष केएस नेगी, उपाध्यक्ष दिनेश भट्ट, नरेंद्र रावत, हरीश, धीरज पांडे, महेश कांडपाल, अनिल खत्री सहित अल्मोड़ा, नैनीताल, हल्द्वानी, काशीपुर के होल्यारों, तबला वादकों ने भाग लिया।
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