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हाइवे अधूरा, पुरानी सड़क की भी हालत खस्ता

Thu, 30 Nov 2017 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, सितारगंज
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हाइवे में हुए गड्ढे - फोटो : अमर उजाला
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एनएच-125 का निर्माण अधूरा होने से पुरानी सड़क एकदम खस्ताहाल हो गई है। शहर और गांवों के बीच गुजरी पुरानी सड़क पर गहरे गड्ढे हो गए हैं, जिससे राहगीरों को तमाम परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सितारगंज से खटीमा तक करीब 13 किमी सड़क तो अत्यंत खराब है, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं।
तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा सितारगंज से टनकपुर तक एनएच-125 सड़क निर्माण के लिए करीब 243 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए और सितंबर 2015 में एनएचएआई की कार्यदायी कंपनी एचजी इन्फ्रा द्वारा सड़क निर्माण का कार्य शुरु कर दिया गया, जो अगस्त 2017 तक पूरा किया जाना था, लेकिन चीकाघाट पुल से सिसईखेड़ा, नानकसागर बैराज और फिर खटीमा कंजाबाग होते हुए करीब आठ किमी बाईपास सड़क निर्माण का काम अधूरा रह गया। इसमें भूमि अधिग्रहण मुआवजे का पेच फंसा हुआ है। 
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इधर, महाराणा प्रताप चौक से तुर्कातिसौर तिराहा होते हुए चीकाघाट और सिसईखेड़ा गांव तक करीब पांच किमी, नानकमत्ता में सत्संग घर से लेकर नानकसागर बैराज तक करीब चार किमी और लोहियापुल से लेकर खटीमा तक करीब चार किमी सड़क बदहाल हो गई है। यह सड़क एनएचएआई के हाइवे निर्माण करने से उनके अधीन हो गई है, जिससे एनएचएआई इस सड़क की मरम्मत करने से बच रहा है और लोनिवि के अधिकारी एनएचएआई की सड़क बताकर मुंह फेरे बैठे हैं। यह सड़क हाइवे निर्माण के बाद भी सितारगंज से नानकमत्ता और खटीमा को जोड़ने वाली मुख्य सड़क रहेगी। इसी सड़क से शहरों के लोग आवाजाही करेंगे, लेकिन प्रशासन इस सड़क की मरम्मत को लेकर गंभीर ही नहीं है। शायद जिला प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार है।



तीनों विधायक नहीं करा पा रहे मरम्मत
सितारगंज। एनएच-125 पर तीन विधानसभाएं हैं, जिनमें सितारगंज, नानकमत्ता और खटीमा विधानसभा से विधायक भी भाजपा के हैं। इसके अलावा राज्य और केंद्र में भाजपा की सरकार है। उसके बावजूद सड़कों की दुर्दशा हो रही है। क्षेत्र के लोग कई बार मांग उठा चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा। ब्यूरो

ठेकेदार गड्ढे नहीं भरेंगे, उनका काम मरम्मत नहीं, बल्कि हाइवे निर्माण का है। नियम के तहत 180 दिन में भूमि अधिग्रहण कराकर उपलब्ध कराना था, लेकिन प्रशासन ने यहां अधिग्रहीत भूमि पर कब्जा नहीं दिलाया। इससे निर्माण कार्य में देरी हुई। खटीमा के आठ किमी बाइपास सड़क निर्माण का मामला अभी भी उलझा है, जिसे एनएचएआई नहीं बनाएगी। उसके लिए अलग से टेंडर होगा। विभाग को इसकी रिपोर्ट भी भेजी है। 
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-संदीप कार्की, परियोजना निदेशक, एनएचएआई रुद्रपुर

सितारगंज से खटीमा तक सड़क की मरम्मत के लिए शासन से 19 करोड़ रुपये का प्रस्ताव पास करा लिया गया है। विधानसभा सत्र शुरू होने वाला है, जिसमें मामले को रखेंगे और जल्द ही धनराशि अवमुक्त कराकर सड़क का निर्माण कराया जाएगा। 
-डा. प्रेम सिंह राणा, विधायक, नानकमत्ता
 
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