रबी विपणन सत्र 2018-19 में भले ही कुमाऊं में गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं हुआ, लेकिन इस बार आठ साल में सबसे अधिक खरीद हुई। किसानों को अच्छा समर्थन मूल्य मिलने से इस वर्ष कुमाऊं में करीब 10 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद हुई। इससे पहले वर्ष 2009-10 में कुमाऊं में 12 लाख 50 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हुई थी, जबकि रबी विपणन सत्र 2017-18 में कुमाऊं में सिर्फ 4273 क्विंटल गेहूं की ही खरीद हो सकी थी।
एक अप्रैल से शुरू हुआ रबी विपणन सत्र 30 जून को समाप्त हो गया। इस वर्ष कुमाऊं में गेहूं खरीद के लिए 15 लाख, 80 हजार गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला था। इसके सापेक्ष सरकारी क्रय केंद्रों पर 9 लाख 99 हजार, 309 क्विंटल गेेहूं खरीदा गया, यानी लक्ष्य का 63 फीसदी गेहूं खरीदा गया। वहीं, पिछले विपणन सत्र के मुकाबले यह खरीद कई गुना अधिक है।
इसमें से करीब 62 प्रतिशत गेहूं की खरीद ऊधमसिंह नगर जिले से हुई है। संभागीय खाद्य नियंत्रक डॉ. ललित मोहन रयाल कहते हैं कि इस वर्ष किसानों को गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य अधिक मिलने के कारण सरकारी क्रय केंद्रों में बिक्री में तेजी आई। इस कारण इस वर्ष पिछले आठ वर्षों की सबसे अधिक खरीद हुई। उन्होंने बताया कि इस पूर्व वर्ष 2009-10 में सबसे अधिक खरीद हुई थी, लेकिन तब कमीशन एजेंट की पॉलिसी थी।
इस वर्ष विशुद्ध सरकारी क्रय केंद्रों में सहकारिता, खाद्य विभाग, यूसीएफ, एनसीसीएफ और राज्य भंडारण निगम के कांटों पर गेहूं की अच्छी खरीद हुई। उन्होंने बताया कि किसानों को भुगतान में परेशानी नहीं हो रही है। अब तक गेहूं के भुगतान के रूप में 173 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
कुमाऊं में पिछले पांच वर्षों में हुई गेहूं की खरीद
वर्ष गेहूं खरीद
2013 42,720 क्विंटल
2014 10,770 क्विंटल
2015 26,680 क्विंटल
2016 10,000 क्विंटल
2017 4273 क्विंटल