रुद्रपुर। तराई में खेतों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली की तारें किसानों के लिए सिरदर्द साबित हो रही हैं। काशीपुर से जसपुर और गदरपुर से खटीमा तक झूलती और अनियंत्रित हाईटेंशन लाइनों के कारण शॉर्ट सर्किट से आग लगने की घटनाओं में तेजी से वृद्धि हुई है जिससे किसानों की मेहनत पल भर में जलकर राख हो रही है। रुद्रपुर, काशीपुर, सितारगंज, गूलरभोज और गदरपुर में ऐसी घटनाओं ने किसानों के बीच भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।
खेतों के ऊपर से गुजरने वाली हाईटेंशन बिजली की तारें जो जर्जर हो चुकी हैं या ठीक से स्थापित नहीं हैं हवा के झोंकों या अन्य कारणों से झूलने लगी हैं। इन तारों का खेतों में खड़ी गेहूं की पकी फसलों के संपर्क में आना आग का कारण बन रहा है। शॉर्ट सर्किट की चिंगारियां आसानी से आग पकड़ रही है और फसलें जल रही हैं। हाल ही में रुद्रपुर के गंगापुर में बिजली की तारों से हुए शॉर्ट सर्किट से 35 एकड़ गेहूं की पकी फसल जल गई थी। सोमवार को काशीपुर में 12 एकड़ गेहूं में आग लग गई। इस तरह का अभी भी खतरा बना हुआ है।
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जसपुर : आग लगने के एक साल बाद भी नहीं मिला मुआवजा
हाईटेंशन लाइन के इंसुलेटर फटने से निकली चिंगारी ने बीते साल कलियावाला गांव में सात एकड़ गेंहू की फसल को जलाकर नष्ट कर दिया था। गांव निवासी पीड़ित किसान गुरप्रीत सिंह ने उसी समय प्रशासन से मुआवजे की मांग की थी। उर्जा निगम व राजस्व विभाग के अफसरों ने घटना स्थल का निरीक्षण तो किया लेकिन एक साल बाद भी पीड़ित को मुआवजा नहीं मिला।
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बाजपुर : बिजली के ढीले तार से फसल को आग का खतरा
गेहूं की फसल पक कर तैयार है लेकिन बिजली के झूलते तार किसानों के लिए खतरा बने हैं। ढीले तारों से चिंगारी निकलने और शॉर्ट सर्किट के कारण फसल में आग लगने का अंदेशा बना रहता है। पिछले साल ढीले बिजली तारों से गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई थी। गांव शिवपुरी निवासी हरदेव सिंह संधू और गांव कल्याणपुरी निवासी जीत सिंह ने बताया कि क्षेत्र में हाईटेंशन और एलटी लाइन खेतों के बीच से गुजर रही हैं। कई खेतों में पोल झूल रहे हैं। तारों के आपस में टकराने से चिंगारी निकलने का खतरा है।
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गदरपुर : फसल पककर तैयार, किसानों को सता रही चिंता
क्षेत्र में झूलती बिजली की तारों के नीचे खड़ी गेहूं की फसल को लेकर किसानों में गहरी चिंता है। ग्रामीण इलाकों में कई स्थानों पर बिजली के तार काफी नीचे लटक रहे हैं जिससे खेतों में काम करना जोखिम भरा हो गया है। ग्राम तेजा फौजा काॅलोनी निवासी किसान सतनाम सिंह ने बताया कि कई बार विभाग को शिकायत करने के बावजूद खेतों से होकर गुजर रही बिजली की तारों को हटाया नहीं जा सका। मझरा पनचक्की बराखेड़ा निवासी धर्मवीर सिंह डोगरा ने कहा कि जल्द से जल्द तारों को ऊंचा किया जाए या उन्हें दुरुस्त किया जाए।
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सितारगंज-खटीमा: वर्षों पुरानी बिजली लाइनों से हो रही आपूर्ति
यहां खेतों की ऊपर से गुजर रही बिजली की लाइनें वर्षों पुरानी हो चुकी हैं। कई जगह तार झूलते हुए खेतों के बेहद करीब आ गए हैं। हल्की हवा या तारों के आपस में टकराने से चिंगारी निकलती है जिससे सूखी फसलों में तुरंत आग लग जाती है। किसानों का कहना है कि कई बार विभाग को शिकायत दी गई लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
काशीपुर-गूलरभोज : किसानों की सुध ले सरकार
किसानों का कहना है कि हर साल बिजली की तारें टूटकर खेतों में गिरती हैं और आग से फसल नष्ट हो जाती है। सरकार को किसानों के बारे में सोचना चाहिए और खेतों के बीच से लाइनों को हटाना चाहिए।
मेरे खेत में एक साल पहले फसल जल गई थी। मुआवजे के नाम पर मंडी समिति ने बहुत कम रकम दी जबकि इस घटना में उर्जा निगम की ओर से मुआवजे की कोई संतोषजनक कार्रवाई तक नहीं की गई। हाईटेंशन लाइन खतरा बनी है। प्रशासन को शायद किसी और बड़ी घटना का इंतजार है। -गुरप्रीत सिंह, जसपुर।
इस बार किसानों ने प्रस्ताव पास कर सरकार से मांग की है कि या तो इन हाईटेंशन लाइनों को सड़क के किनारे किया जाए या फिर अंडर ग्राउंड। अन्यथा सरकार खेत से गुजरने वाले किसानों को मासिक किराया दे। -जगजीत सिंह भुल्लर, उपाध्यक्ष, कुमाऊं मंडल भाकियू।
फसल पकने के बाद हाईटेंशन तारों से चिंगारी निकलने और फसल में आग लगने का डर है। जर्जर और नीचे लटक रही बिजली लाइनों की तत्काल मरम्मत कराई जाए। अगर समय रहते तारों को ठीक नहीं किया गया तो बड़ा नुकसान हो सकता है। -अनिरुद्ध राय, किसान, सितारगंज।
खेतों के ऊपर से गुजर रही बिजली की तारें किसानों के लिए हमेशा खतरे का सबक बनी हुई हैं। कई बार बिजली की स्पार्किंग से फसल जलने के हादसे हो चुके हैं। किसान को मुआवजा न के बराबर मिलता है और उसकी पूरे साल की मेहनत पर पानी फिर जाता है। -सुखविंदर सिंह, किसान, गूलरभोज।
मेरे लगभग पांच एकड़ खेत के ऊपर से बिजली की तारें जा रही हैं। इन दिनों दिन में बिजली की कटौती हो रही है पर जैसे ही शाम को बिजली की सप्लाई आती है उस समय लोड बढ़ने पर तारों से स्पार्किंग का खतरा रहता है। -बलदेव राज चुघ, किसान गूलरभोज।
हर साल गर्मी में गेहूं की फसलाें में आग लगने से किसानों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ती है। किसानों को इसका मुआवजा मिलना चाहिए। -मनप्रीत सिंह, युवा प्रदेश प्रवक्ता, भाकियू।
अगर बिजली की लाइन से फसल को नुकसान होता है तो इसकी पुष्टि कर उचित मुआवजा देने का प्रावधान है। -राजीव चक्रवर्ती, ईई, ऊर्जा निगम।