रुद्रपुर। इन दिनों पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ने आम जनजीवन के साथ खेती-किसानी पर भी गहरा असर डालना शुरू कर दिया है। लगातार बढ़ते तापमान और चल रही गर्म हवाओं (लू) के कारण क्षेत्र में सब्जियों का उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। खेतों में फसलें झुलसने लगी हैं जिससे स्थानीय मंडियों में सब्जियों की आवक तेजी से घट गई है। आपूर्ति (सप्लाई) कम होने के चलते टमाटर, भिंडी, लौकी, तरोई और हरी मिर्च जैसी रोजमर्रा की सब्जियों के दाम में बेतहाशा बढ़ोतरी देखी जा रही है।
मंडी व्यापारियों के अनुसार, पिछले एक सप्ताह के भीतर ही कई सब्जियों के दाम लगभग दोगुने हो चुके हैं। फुटकर बाजारों में यह कीमतें और भी अधिक हैं।
सब्जी का नाम
पहले की कीमत (प्रति किलो)
मौजूदा कीमत (प्रति किलो)
टमाटर 20 30 से 35
भिंडी 20 30
लौकी 15 25
तरोई 20 35
हरी मिर्च 60 80 से 90
उत्पादन में 40 फीसदी तक की गिरावट, बढ़ी लागत
किच्छा रोड स्थित किसान बलकार सिंह का कहना है कि इन दिनों इस भीषण तपिश के कारण पौधों में फूल और फल बनने की प्राकृतिक प्रक्रिया बाधित हो रही है जिससे उत्पादन में 30 से 40 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की जा रही है। वहीं, गणेशपुर निवासी किसान सत्यदेव पांडेय ने बताया कि तेज धूप से खेतों की नमी तेजी से खत्म हो रही है। फसलों को बचाने के लिए बार-बार अतिरिक्त सिंचाई करनी पड़ रही है, जिससे खेती की लागत भी काफी बढ़ गई है।
आगामी दिनों में और बढ़ सकती है महंगाई
मंडी के सब्जी कारोबारी इस्माइल अंसारी ने बताया कि भीषण गर्मी के चलते स्थानीय स्तर पर हरी सब्जियों की आवक नाममात्र की रह गई है। बाहरी राज्यों और मंडियों से आने वाली खेप भी सीमित मात्रा में ही यहां पहुंच रही है जिसके कारण दामों में लगातार उछाल आ रहा है। उनका मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक मौसम का यही रुख रहा और तापमान में कमी नहीं आई, तो सब्जियों की कीमतें और अधिक बढ़ेंगी, जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब और रसोई के बजट पर पड़ेगा।