बाजपुर। उप जिला चिकित्सालय में एक दशक से हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। इससे हड्डी संबंधित मरीजों को निजी अस्पताल या फिर जिला मुख्यालय जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
एक दशक पहले सरकारी अस्पताल में डाक्टर चंद्रा का स्थानांतरण हो गया था। उसके बाद स्थायी तौर पर हड्डी विशेषज्ञ डॉक्टर की तैनाती नहीं हुई। करीब तीन साल पहले अस्थायी तौर पर एक चिकित्सक की नियुक्ति हुई वह भी तीन माह रहकर चले गए। तब से अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं है। बाजपुर सीएचसी को शासन स्तर से उप जिला चिकित्सालय का दर्जा मिला लेकिन डॉक्टर सहित सुविधाओं का अभाव है। नागरिकों का कहना है कि महिला सहित दो डॉक्टरों का स्थानांतरण कर दिया। उनके स्थान पर किसी की नियुक्ति नहीं की है।
प्रभारी सीएमएस डॉक्टर पीडी गुप्ता ने बताया कि डॉक्टरों की तैनाती के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। बीते दिन सीएमओ डा. केके अग्रवाल ने अस्पताल का निरीक्षण किया। उनके समक्ष भी समस्याओं को रखा। सीएमओ की ओर से प्राइवेट डॉक्टरों से अस्पताल में सेवाएं देने का अनुरोध किया है। नगर क्षेत्र के चार डॉक्टरों ने सेवा देने पर सहमति भी दी है। संवाद