दिनेशपुर शहर के वार्ड दो स्थित एक मजदूर के टिनशेड से बने घर में चार्जिंग पर लगी ई-स्कूटी की बैटरी में अचानक धमाका हो गया। इस कारण लगी आग की चपेट में पूरा घर आ गया। परिजनों और आसपास के लोगों ने बमुश्किल आग पर काबू पाया लेकिन तब तक सारा घरेलू सामान जलकर नष्ट हो चुका था। आगजनी में करीब तीन लाख रुपये का नुकसान बताया जा रहा है।
वार्ड दो मोतीपुर निवासी शांति मंडल सिडकुल में मजदूर है। वह अपनी तीन बेटियों के साथ टिनशेड के घर में रहती है। बुधवार की रात को सभी खाना खाने के बाद ई-स्कूटी को बरामदे में चार्ज पर लगाकर सो गए। बृहस्पतिवार तड़के करीब 3:30 बजे धमाके के साथ स्कूटी की बैटरी फट गई और घर में आग लग गई। शांति मंडल और उनकी बेटियां उठकर अफरातफरी में घर से बाहर आईं।
धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर एकत्र हो गए। सभी ने मिलकर आग पर किसी तरह काबू पाया लेकिन तब तक घर में रखा कूलर, फ्रीज, पंखा, टीवी, फर्नीचर, तीन सिलाई मशीन, बर्तन आदि जलकर नष्ट हो चुके थे। सुबह सूचना पर हल्का पटवारी सरताज खान ने मौके पर जाकर नुकसान का आकलन किया।
श्रीमद्भागवत गीता पर नहीं आई आंच
ई-स्कूटी की बैटरी फटने से जहां शांति के घर का सारा सामान जलकर नष्ट हो गया, वहीं कमरे में बने मंदिर में रखी श्रीमद्भागवत गीता और देवी-देवताओं की तस्वीरों पर आंच तक नहीं आई।
बैटरी फटने के कारण व बचाव के उपाय
ओवरचार्जिंग : बैटरी को पूरी तरह से चार्ज होने के बाद भी चार्जर से नहीं हटाना बैटरी में अत्यधिक गर्मी पैदा करता है। इस कारण बैटरी फटने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में बैटरी के पूरी तरह चार्ज होने के बाद चार्जर हटा देना चाहिए।
गर्मी या सीधे धूप : इलेक्ट्रॉनिक वाहन को अत्यधिक गर्मी या सीधे धूप के नीचे रखने से इसकी बैटरी अत्यधिक गर्म हो सकती है। ऐसे में रासायनिक असंतुलन बैटरी के फटने का कारण बन सकता है। इसलिए वाहन को हमेशा छाया व कम गर्म वाले स्थान पर ही रखें।
नकली या खराब गुणवत्ता की बैटरी : इलेक्ट्रॉनिक वाहन में घटिया या नकली बैटरी लगाने पर इनके फटने की अधिक आशंका रहती है। कंपनी की ओर से सुझाई गई बैटरी का ही इस्तेमाल करें।
गलत चार्जर का उपयोग : बैटरी के लिए गलत चार्जर भी नुकसानदायक होता है। गलत वोल्टेज या करंट से बैटरी में रासायनिक असंतुलन पैदा हो जाता है। अत: गलत चार्जर का उपयोग न करें।
बैटरी में फिजिकल डैमेज : किसी दुर्घटना में बैटरी का फिजिकली डैमेज होना या इसके अंदर शॉर्ट सर्किट होना भी बैटरी के फटने का कारण हो सकता है। समय-समय पर बैटरी की जांच कराते रहें।
डिस्चार्जिंग : बैटरी के पूरी तरह डिस्चार्ज होने का लोग इंतजार करते हैं, जो गलत है। अत्यधिक डिस्चार्ज होने से बैटरी के सेल्स डैमेज हो सकते हैं जो बैटरी के फटने का कारण बन सकते हैं। ऐसे में बैटरी की चार्जिंग कभी भी 20-30 प्रतिशत से नीचे नहीं आने देनी चाहिए।
कभी भी बैटरी को ओवरचार्जिंग या पूरी डिस्चार्ज न होने दें। बैटरी की क्वालिटी से समझौता न करें। बेहतर चार्जर, तेज धूप से बचाव और बैटरी में किसी भी प्रकार के फिजिकल डैमेज को लेकर सतर्क रहें।
- रिंकू गोयल, बैटरी विक्रेता