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मोदी के बाद महंत ने डाली शुक्ला के प्रचार में जान

Mon, 13 Feb 2017 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, रुद्रपुर
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 रविवार को भाजपा के फायरब्रांड सांसद महंत आदित्यनाथ ने राजेश शुक्ला के पक्ष में माहौल गरमाने में मदद की। शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी की रुद्रपुर की सभा ने किच्छा के चुनावी समीकरणों में पहले ही कुछ हलचल पैदा कर दी थी। अब आदित्यनाथ ने जनसभा में कांग्रेस सरकार को निशाने पर लेकर मतदाताओं को रिझाने की कोशिश करने के साथ ही हिंदू हितों की बात कर हिंदू वोटों का रुख पूरी तरह शुक्ला की तरफ मोड़ने का प्रयास भी किया।
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महंत आदित्यनाथ की सभा इंदिरा गांधी खेल मैदान में आयोजित की गई थी। निर्धारित समय से करीब साढ़े तीन घंटा देर से पहुंचे, लेकिन इसके बावजूद हजारों लोग उन्हें सुनने के लिए बेताबी से इंतजार करते रहे। सभा में आधे घंटे के भाषण में महंत ने क्षेत्रवासियों के मन को भांपते हुए सीधा मुद्दों पर बात की। उन्होंने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सीएम हरीश रावत को निशाने पर लिया। हिंदू वोटों को शुक्ला के पक्ष में मोड़ने के लिए योगी ने तीखे तेवर भी दिखाये।

उन्होंने कांग्रेस सरकार पर तुष्टिकरण की नीति का आरोप लगाते हुए जनता से इसका जवाब खुद देने का आह्वान भी किया। कुल मिलाकर प्रचार के अंतिम चरण में पीएम मोदी की सभा के बाद योगी आदित्यनाथ की सभा किच्छा में भाजपा प्रत्याशी राजेश शुक्ला के प्रचार में जान डाल गयी। नतीजे जो भी रहें, लेकिन इन दो बड़ी सभाओं ने जिले की सबसे हॉट सीट मानी जा रही किच्छा विधानसभा में सूबे के मुखिया हरीश रावत की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
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किच्छा में विशाल सभा के दौरान योगी आदित्यनाथ अपने चिर परिचित अंदाज में हिंदुओं को रिझाना नहीं भूले। उन्होंने मंच से हुंकार भरते हुए कांग्रेस को तुष्टिकरण की नीति के लिए जमकर कोसा। उन्होंने हरीश रावत की ओर इशारा करते हुए कहा ये कैसा सीएम है जो जुमे की नमाज के लिए कर्मचारियों को अवकाश की घोषणा कर देता है। अगर जुमे को नमाज की छुट्टी हो सकती है तो फिर मंगलवार को भी छुट्टी मिलनी चाहिए, हनुमान चालीसा पढ़ने के लिए भी छुट्टी मिलनी चाहिए। आदित्यनाथ ने सीएम हरीश रावत पर कई सवाल खड़े किए।


अपने भाषण की शुरुआत करते हुए महंत आदित्यनाथ ने जहां अपनी जन्मभूमि को उत्तराखंड बताया वहीं कर्म भूमि को पूर्वी उत्तर प्रदेश बताते हुए वहां के लोगों के कुशल व्यवहार की भी सराहना की। सांप्रदायिकता का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा पूर्वी उत्तर प्रदेश में जो लोग रहते हैं वह किसी भी दंगाई, अराजकता फैलाने वालों को बर्दाश्त नहीं करते, इसीलिए वहां हमेशा शांति का माहौल होता है।
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