किच्छा बाइपास रोड स्थित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी सभा में मोदी के सभास्थल पर पहुंचने से एक घंटा पहले ही पुलिस का बनाया गया सुरक्षा चक्र पूरी तरह टूट गया। मैदान के दाहिर्नी ओर जहां मोदी को देखने के लिए बेताब जनता बेरिकेडिंग को तोड़ते हुए सभा स्थल में घुस गई वहीं सभा स्थल पर भीड़ को संभालने में नाकाम पुलिस ने भी गेट पर हो रही चेकिंग और वीडियोग्राफी को भी बंद कर दिया, जिससे लोग पानी की बोतलें और अन्य वर्जित सामान के साथ सभा स्थल में घुस गए।
सभा में जुटने वाली भीड़ का अंदाजा शायद पुलिस प्रशासन भी नहीं लगा पाया था। यही कारण था कि पीएम के सभा स्थल पर पहुंचने से एक घंटे पहले ही बढ़ती भीड़ के कारण पुलिस का सुरक्षा चक्र पूरी तरह टूट गया। मोदी को देखने और सुनने के लिए करीब 11 बजे से ही लोग सभास्थल में बने गेटों पर लाइन लगाकर खड़े हो गए। शुरुआत में पुलिस ने भीड़ की तलाशी लेने के साथ ही वीडियोग्राफी भी की, यहां तक कि लोगों से काले कपड़े भी जमा करवा लिए गए। इस दौरान गेट पर ही पानी की बोतलों, कपड़ों, हेलमेटों का ढेर लग गया, लेकिन एक बजे तक भीड़ बढ़ने लगी तो भीड़ के आगे कमजोर पड़ी पुलिस ने चेकिंग के साथ ही वीडियोग्राफी भी बंद कर दी। इसके बाद काले कपड़ों के साथ ही पानी की बोतलों और झंडों के डंडों के साथ लोग सभा स्थल तक पहुंचते रहे। सभा स्थल के दायीं ओर के मैदान में पुलिस कर्मियों के मौजूद न होने से मोदी के मंच पर आने के बाद उन्हें देखने के लिए लोग बेरिकेडिंग पर चढ़ गए, जिससे बेरिकेडिंग टूट गई। मैदान में लगी दूसरी बेरिकेडिंग के अंदर लगी कुर्सियों पर लोग चढ़े तो नीचे बैठे लोगों ने आपत्ति जताई जिस पर लोगों नोकझोंक हो गई और कुछ लोग एक-दूसरे पर कुर्सियां फेंकने लगे। आसपास के लोगों ने उन्हें समझाकर शांत किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी सभा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था ध्वस्त होने से मची भगदड़ का फायदा कुछ उचक्कों ने लोगों के पर्स और मोबाइल चुराकर उठाया तो कई महिलाओं को मनचलों की बदसलूकी का शिकार होना पड़ा। इस दौरान सात के मोबाइल, चार के पर्स चोरी हो गये। सभा स्थल पर बैठी ट्रांजिट कैंप की महिला के गले से किसी ने चेन ही झपट ली, जिसके चलते मोदी को सुनने की खुशी लेकर आई महिला उनके सभास्थल में काफी देर रोने के बाद अपने घर लौट गई।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी सभा में जब गेट पर लगे पुलिस के अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था को संभालने में नाकाम होने लगे तो डीआईजी अजय रौतेला ने खुद गेट पर खड़े होकर कमान संभाली और लोगों की तलाशी लेने के बाद उनका सामान जब्त कर उन्हें अंदर भेजा। इस दौरान पुलिस के कई अधिकारी और सिपाही ऐसे भी थे जो या तो कुर्सियों पर जमे रहे या फिर अपने मोबाइल पर व्यस्त रहे।
मोदी की सभा में अपेक्षा से अधिक भीड़ जुटने पर जब मैदान लोगों से खचाखच भर गया तो तीन बच्चे अपनी मां से बिछड़ गये, जिसमें से एक को गेट पर तैनात महिला एलआईयू कर्मी ने संभाला लेकिन सभा खत्म होने के बाद भी बच्चे के माता-पिता का पता नहीं चल सका। दो मातायें सभा खत्म होने तक भीड़ में अपने बच्चों को ढूंढती रही मंच से खोये बच्चों के लिए के लिए मंच से कोई घोषणा की व्यवस्था न होने के कारण भी उन्हें निराशा मिली। भगदड़ मचने से कई बुजुर्ग भी लोगों के पैरों तले दब गए।
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किच्छा रोड पर हुई मोदी की सभा में यूपी कासगंज के प्रवेश ने मोदी जैकेट बेचकर तो खेड़ा के फईम ने ढोल बजाकर पैसे कमाये। प्रवेश जहां दो सौ रुपए में जैकेट बेच रहा था, वहीं फईम ने दो घंटे तक ढोल बजाकर 700 रुपए कमाए। लेमन टी बेचने वालों की भी मैदान में खासी भीड़ रही।
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किच्छा बाइपास रोड पर हुई मोदी की सभा शुरु होने से पहले लोग जहां इस बात को लेकर परेशान हुए कि वह अपने सामान को अपने साथ नहीं रख सकते वहीं सभा खत्म होने पर जब लोगों द्वारा पुलिस के पास गेट पर जमा किया सामान उन्हें नहीं मिला तो वे परेशानी दिखे। कई महिलाएं और पुरुष अपना खोया सामान दिलाने की मांग को लेकर पुलिस कर्मियों से भिड़ गये जो पुलिस के लिए भी परेशानी भरा रहा।
शुरुआत में जब पुलिस गेट पर काले कपड़े पहने आए लोगों को रोकने लगी तो कई महिलाओं ने अपने दुपट्टे, स्वेटर जमा करने से मना कर दिया और वापस घरों को लौट गई। हालांकि बाद में पुलिस द्वारा चेकिंग रोकने के बाद हजारों लोग काले कपड़ों के साथ सभा स्थल में घुस गए।
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