रामलीला मैदान में केंद्रीय सड़क एवं भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी एनएच से संबंधित मांगों पर हामी भरने का मन बनाकर आए थे। यही कारण था कि नेताओं ने एनएच में ओवरब्रिज बनाने की मांग की तो गडकरी ने तत्काल मानते हुए घोषणा भी कर डाली। उन्होंने एनएच के लिए अधिग्रहित की जा रही ग्रामीणों की जमीन पर चार गुना मुआवजा देने की भी घोषणा की।
मंगलवार को आभार रैली को संबोधित करने के लिए बारी-बारी से बड़े नेताओं को बुलाया गया। केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि गडकरी ऐसे नेता हैं जो कहते वो करते भी हैं। प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार केंद्र सरकार ने पर्वतीय प्रदेश को भारीभरकम बजट दिया है। सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने सितारगंज से टनकपुर तक फोरलेन और प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों पर ओवरब्रिज बनाने की मांग रखी।
उन्होंने फोरलेन की जद में आ रही जमीनों का मुआवजा किसानों को नहीं मिलने का मामला भी उठाया। प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि कार्बेट पार्क को जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग में ओवरब्रिजों की सख्त जरूरत है। बरसात में नाले उफनाने से पर्यटकों के साथ ही स्थानीय लोगों को भी रोकना पड़ता है। सांसद तरुण विजय ने गडकरी को उत्तराखंड के भारत मार्ग विधाता की संज्ञा देते हुए कहा कि सड़कों का जाल बिछने से देवभूमि आर्थिक विकास की भूमि बनेगी। इनमें से अधिकांश नेताओं ने मांगपत्र भी गडकरी को सौंपे।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि स्टेट हाइवे पर वे काम नहीं कर सकते हैं। एनएच में जहां ओवरब्रिजों की मांग उठाई गई है, वहां ओवरब्रिज बनाए जाएंगे। जिन किसानों की जमीन फोरलेन की जद में आ रही है, उन्हें चारगुना मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि जो विकास 50 सालों में नहीं हुआ, उसे 5 सालों में करके दिखाएंगे।