गदरपुर। उत्तराखंड बोर्ड की हाई स्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने दमखम दिखाया। हाई स्कूल बोर्ड परीक्षा में हर्षित जोशी ने 95.80 प्रतिशत अंक के साथ प्रदेश में 9वां स्थान पाया। माधव अग्रवाल ने 80.2 प्रतिशत के सथ दूसरे और मुकेश पंत 76.2 प्रतिशत अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहे। इंटर में शालिनी ने 76.6 प्रतिशत अंक लेकर प्रथम, माहिर खान ने 76.4 प्रतिशत अंक लेकर द्वितीय और हिमांशु देऊ ने 73.2 प्रतिशत अंक लेकर तृतीय रहे। हाई स्कूल परीक्षा में मेरिट सूची में नौवां स्थान हासिल करने वाले हर्षित जोशी की सफलता से जहां विद्यालय परिवार खुशी से गदगद है। इससे पूर्व हर्षित की बड़ी बहन पूजा जोशी ने भी हाई स्कूल और इंटर में मेरिट सूची में नाम दर्ज कराया था। वर्तमान में पूजा जोशी कोलकाता से बीटेक कर रही है। उसका छोटा भाई राहुल जोशी जवाहर नवोदय विद्यालय से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण कर चुका है।
विद्यालय परिसर में आयोजित स्वागत कार्यक्रम में प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मनोज कुमार डाबर, प्रबंधक अजय फौगाट, कोषाध्यक्ष दीपक सुधा और प्रधानाचार्य सुभाष चंद्र शर्मा ने मेधावी छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए सम्मानित किया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।
बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए 12 साल पहले छोड़कर आए थे पहाड़....
गदरपुर। बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए प्रकाश जोशी और उनकी पत्नी रेखा जोशी ने 13 वर्ष पूर्व रानीखेत अल्मोड़ा स्थित पैतृक घर और पहाड़ को छोड़कर गदरपुर आकर छोटी-मोटी नौकरी करके गुजर बसर करना शुरू किया था। कम आमदनी होने के बावजूद उन्होंने अपने तीन बच्चों पूजा जोशी, राहुल जोशी और हर्षित जोशी की शिक्षा-दीक्षा में कभी भी कभी नहीं आने दी। यह जोशी परिवार की मेहनत और लगन का ही परिणाम था कि उनके तीनों बच्चों ने अपने माता-पिता की मेहनत और परवरिश को जाया नहीं जाने दिया और आज उनका सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। चार वर्ष पूर्व पूजा जोशी ने उत्तराखंड की बोर्ड परीक्षा में मेरिट सूची में अपना नाम दर्ज कराकर अपने परिवार का नाम रोशन किया था। उसी नक्शे कदम पर चलते हुए वर्ष 2026 के उत्तराखंड बोर्ड के परीक्षा परिणाम में हर्षित जोशी ने भी मेरिट सूची में नौवां स्थान हासिल करके माता-पिता की खुशियों को चार चांद लगा दिए। हर्षित के पिता प्रकाश जोशी गदरपुर के एक सीड प्लांट में नौकरी करते हैं जबकि मां रेखा जोशी सरस्वती विद्या मंदिर में पिछले 12 साल से परिचायिका के रूप में कार्यरत है। काम के सिलसिले से प्रकाश जोशी घर से बाहर हैं। रेखा जोशी अपने छोटे बेटे हर्षित जोशी की सफलता से खुशी से फूले नहीं समा रही हैं। रेखा जोशी का कहना है कि उन्होंने जो सपना देखा था वह पूरा हो रहा है। उनके तीनों बच्चे पढ़ लिखकर इस काबिल बनने जा रहे हैं कि उनको न तो जीवन में किसी प्रकार की कोई कमी होगी और न ही कभी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ेगा। रेखा जोशी का कहना है कि बच्चों का सही पालन पोषण और बेहतर संस्कार उनको जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने सरस्वती शिशु मंदिर प्रबंधन समिति का भी धन्यवाद व्यक्त किया जिसकी बदौलत उनके बच्चों ने अपने माता-पिता, परिवार, विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन किया है।