सरदार हरमिंदर सिंह जैसे ही लोग होते हैं जो समाज एक मिसाल देते है। उनकी एक छोटी सी कोशिश से किसी की दुनिया बदल जाती है। सरदार हरमिंदर ने कुछ समय पहले नेत्रदान का फैसला लिया था। मृत्यु के बाद परिजनों ने उनकी आखिरी इच्छा को पूरा करते हुए नेत्रों को दान कर दिया। उनकी आंखों से दो नेत्रहीन अब दुनियां देख सकते हैं।
गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब में सिंह गिफ्ट सेंटर के स्वामी हरमिंदर सिंह (61) पुत्र बूढा सिंह का काफी समय से लखनऊ में इलाज चल रहा था। बीते दिनों लखनऊ से आते समय सीतापुर के नजदीक उनका देहांत हो गया। उनके पुत्र गुरमीत सिंह, मंदीप सिंह और अंशदीप सिंह ने पिता की आखिरी इच्छा के चलते उनके नेत्रों को दान करने का निर्णय किया।
सूचना पर पहुंचे सीतापुर नेत्र चिकित्सालय के सर्जन द्वारा उनकी आंखों की कॉर्निया सुरक्षित कर ली गई। नेत्रदान में लगी सक्षम संस्था ने बताया कि हरमिंदर की आंखों से दो नेत्रहीनों की आंखों को रोशनी मिली है।