पूर्व सीएम हरीश रावत ने अतिक्रमण हटाने के विरोध में रविवार को होने वाली अपनी आम, भुट्टे और पहाड़ी ककड़ी की पार्टी को स्थगित कर दिया है। उन्होंने इसकी जानकारी ट्विटर पर भी साझा की है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उत्तराखंड में पैदा होने वाले फलों को प्रोत्साहित करने के लिए पार्टियों के आयोजन की परंपरा शुरू की है। काफल पार्टी के बाद हरदा जगह-जगह आम, भुट्टों और पहाड़ी ककड़ी की पार्टी रखकर सहयोगियों के साथ ही विपक्षियों को भी न्योता दे रहे हैं। पिछले दिनों देहरादून में आम पार्टी में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने शिरकत की थी।
हालांकि, तब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट और हरदा के बीच जुबानी जंग भी हुई थी। इसी क्रम में हरदा ने 15 जुलाई को रुद्रपुर के एक होटल में आम, भुट्टे और पहाड़ी ककड़ी की पार्टी रखी थी जिसे हरदा ने स्थगित कर दिया है। फोन पर हुई बातचीत में हरदा ने कहा कि रुद्रपुर सहित राज्य के कई शहरों में अतिक्रमण हटाने के नाम पर बड़ी तोड़फोड़ की जा रही है।
रुद्रपुर में तो गदरपुर की तरह भयावह तोड़फोड़ हो रही है। ऐसी स्थिति में और इस कार्रवाई के विरोध में फिलहाल पार्टी का अभी किया जाना उचित नहीं है। अब यह पार्टी कुछ समय बाद होगी। पार्टी स्थगित करने की सूचना आमंत्रितों को भी दे दी गई है। इधर, हरदा ने ट्विटर अकाउंट पर भी पार्टी स्थगित करने और इसके लिए आमंत्रितों से क्षमा मांगने की जानकारी अपलोड की है।
बरसात में अतिक्रमण हटाया तो करेंगे डटकर विरोध
रुद्रपुर में पूर्व कैबिनेट मंत्री तिलकराज बेहड़ ने यहां जारी बयान में कहा है कि रुद्रपुर में हटाए जा रहे अतिक्रमण को देखकर लग रहा है कि जिला और नगर निगम प्रशासन के आगे मुख्यमंत्री, सांसद और क्षेत्रीय विधायक ने घुटने टेक दिए हैं। जिस तरह से प्रशासन की ओर से रवैया अपनाया जा रहा है, वह लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है।
पिछले दिनों प्रशासन की ओर से जनप्रतिनिधियों और महिलाओं पर दबाव बनाने के लिए झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए। यह दबाव में लेने की रणनीति है। वह जेल जाने से नहीं डरते हैं। उन्होंने सफाई दी कि वह शहर के चुनिंदा व्यापारियों को लेकर बरसात में अतिक्रमण नहीं तोड़ने का अनुरोध करने गए थे। अगर उन्हें प्रशासन के हिटलरशाही रवैये का अंदेशा होता तो वे कभी नहीं जाते। कहा कि विरोध करना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है। अगर बरसात में अतिक्रमण हटाया गया तो हमारा विरोध जारी रहेगा।