रुद्रपुर। बारिश और ओलावृष्टि से तराई के किसानों को हुए नुकसान की अंतिम रिपोर्ट तैयार हो गई है। रुद्रपुर, बाजपुर और गदरपुर के 105 गांवों के 14,368 किसान प्रभावित हुए हैं। 9462 हेक्टेयर में लगी धान, गन्ना और बागवानी की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। कृषि विभाग ने सर्वे के बाद 35 करोड़ रुपये के मुआवजे का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। बजट स्वीकृत होते ही किसानों को राशि सौंप दी जाएगी।
मौसम की सबसे ज्यादा मार बाजपुर और गदरपुर के किसानों पर पड़ी है। कृषि विभाग की अंतिम रिपोर्ट के अनुसार बाजपुर में 4374 हेक्टेयर फसल बर्बाद हुई है जिससे 48 गांवों के 6360 किसान प्रभावित हैं। गदरपुर में 4791 हेक्टेयर फसल को नुकसान पहुंचा है। यहां 45 गांवों के 7348 किसान प्रभावित हुए हैं। रुद्रपुर विकासखंड में 297 हेक्टेयर में नुकसान हुआ है जिससे 12 गांवों के 660 किसानों की फसल प्रभावित हुई है।
बीती नौ अक्तूबर को सुबह से हुई बारिश के बाद अचानक ओलावृष्टि शुरू हो गई थी। सूचना पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई निरीक्षण किया था और फिर बाजपुर पहुंचकर किसानों से मिलकर हरसंभव मदद का आश्वासन दिया था। उन्होंने अधिकारियों को सर्वे कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कृषि विभाग, भूमि संरक्षण और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों ने गांव-गांव जाकर सर्वे किया।
कोट
तीनों विकासखंडों में नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर 35 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। बजट मिलते ही किसानों को मुआवजा वितरित किया जाएगा। - डॉ. वीके सिंह यादव, मुख्य कृषि अधिकारी