रुद्रपुर। ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान आराम और पारिवारिक समय की उम्मीद लगाए बैठे शिक्षकों को इस बार छुट्टियों में भी सरकारी दायित्व निभाने पड़ रहे हैं। इस बार बड़ी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य के लिए लगी है।
जिले के विभिन्न विकासखंडों में लगभग 150 से 200 शिक्षकों को एसआईआर कार्य में लगाया गया है जिसके चलते कई शिक्षकों का अवकाश प्रभावित हुआ है। एसआईआर अभियान के तहत मतदाता सूची और संबंधित अभिलेखों के सत्यापन का कार्य कराया जा रहा है। इसके लिए शिक्षकों को क्षेत्रवार जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
विद्यालयी शिक्षण कार्य, परीक्षा संबंधी जिम्मेदारियों, चुनाव ड्यूटी और विभिन्न सरकारी अभियानों के बाद अब ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान भी शिक्षकों को एसआईआर कार्य में लगाया गया है। ऐसे में अवकाश का उद्देश्य ही प्रभावित हो रहा है और लगातार गैर-शैक्षणिक कार्यों की जिम्मेदारी बढ़ने से शिक्षकों पर अतिरिक्त मानसिक और प्रशासनिक दबाव पड़ रहा है। कई शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना में पहले ही लगाई जा चुकी है और अब एसआईआर में ड्यूटी लगने से कहीं न कहीं स्कूलों के खुलने के बाद पढ़ाई भी प्रभावित होगी।
कोट
एसआईआर कार्य शासन और जिला प्रशासन के निर्देश पर कराया जा रहा है। निर्वाचन संबंधी कार्य महत्वपूर्ण श्रेणी में आते हैं। विभाग को प्राप्त निर्देशों के अनुरूप शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। - हरेंद्र कुमार मिश्रा, मुख्य शिक्षा अधिकारी