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Udham Singh Nagar News: घास-बांस ने जगाई आमदनी की आस...हुनरमंद महिलाओं ने उत्पाद बना दिए खास

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रुद्रपुर। वर्तमान समय में नए, अनोखे और अद्वितीय वस्तुओं की मांग अधिक है। परंपरा से हटकर किए गए नवाचार को नई पीढ़ी हाथोंहाथ लेती है। इस कारण रचनात्मक लोगाें के पास भी नए विकल्पों को खोजने का मौका रहता है। ऐसा ही अनूठा प्रयोग रुद्रपुर और पंतनगर की 22 महिलाओं ने किया। घास और बांस से बने उनहें सजावटी उत्पादों को खूब पसंद किया जा रहा है।
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घास के रेशे और बांस की पतली पट्टियों की मदद से महिलाएं आकर्षक हस्तशिल्प उत्पाद जैसे सोफे, टोकरियां, पेन स्टैंड और बांस से सजावटी सामान तैयार कर रही हैं। उनके बनाए उत्पादों में शॉपिंग बैग, फूलदान, सोफे, टोकरियां, पेन स्टैंड आदि बेहद आकर्षक हैं। महिलाओं का कहना है कि वह पहले से कारीगरी करतीं थीं, लेकिन इस अनूठे हस्तशिल्प में पारंगत होने के लिए उन्होंने प्रशिक्षण लिया। बड़ौदा स्वरोजगार विकास संस्थान की ओर से मिली सीख ने नवाचार का नया रास्ता दिखाया। अब उनकी कला को चर्चा मिलने लगी है। महिलाओं ने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षण का ज्ञान और नए तरीके का हस्तशिल्प उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में मददगार साबित हो रहा है।
कोट
स्वरोजगार विकास संस्थान ने आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रशिक्षण दिया। जिसमें घास व बांस की कई सामग्री बनाने सिखाए गए। अब मैं अपना रोजगार कर हर महीने 15 से 20 हजार कमा रहीं हूं। कविता देवी, रुद्रपुर।
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कोट
पहले मैं घर के कामों में ही उलझी रहती थी। प्रशिक्षण लेने के बाद धीरे-धीरे अपना काम शुरू किया। हमारे बनाए उत्पाद लोगों को पसंद आ रहे हैं। कई महिलाएं भी काम सीखने आने लगी हैं। मोहनी मंडल, पंतनगर।
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संस्थान में प्रशिक्षण के लिए आने वाली महिलाओं में प्रतिभा की कमी नहीं होती है। केवल उन्हें सही दिशा दिखाने की जरूरत पड़ती है। बांस और घास के प्रयोग से सजावटी उत्पाद बनाने की पहल से महिलाएं न सिर्फ हुनरमंद बनीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की ओर भी अपने कदम बढ़ा रही हैं।
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आरती चौहान, प्रशिक्षक, बड़ौदा स्वरोजगार विकास संस्थान

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