लालकुआं से बरेली जा रही एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आकर आमडंडा निवासी एक वृद्धा और उसकी नातिन की मौत हो गई। हादसे में दोनों के दो-दो टुकड़े हो गए। दुर्घटना के बाद ट्रेन चालक दल शवों को अपने साथ ले गए और बहेड़ी रेलवे स्टेशन के सुपुर्द कर गए। दुर्घटना के बाद मृत महिलाओं के परिजन बहेड़ी रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए हैं।
आमडंडा निवासी सगीरन (70) पत्नी शफीक अहमद की पुत्री का विवाह सितारगंज हुआ था। शनिवार सुबह सगीरन अपनी पुत्री से मिलने सितारगंज गई थी। वापसी पर वह अपनी नातिन गुलशमा (16) को भी अपने साथ ले आई। पुलभट्टे से मैक्स वाहन पर बैठकर दोनों आमडंडा के लिए रवाना हुई। रास्ते में आमडंडा जाने के लिए वे एक पगडंडी के पास उतरी और गांव के लिए चल दी। रेलवे लाइन पार करते समय दोनों लालकुआं से बरेली की ओर जा रही ट्रेन संख्या डाउन 05310 की चपेट में आ गई। दुर्घटना के बाद दोनों के शरीर के टुकड़े-टुकड़े हो गए।
यह देख चालक दल ने ट्रेन रोकी और शवों को साथ लेकर बहेड़ी रवाना ले गए। सूत्रों के मुताबिक ट्रेन के गार्ड सुदर्शन सिंह यादव ने शव को बहेड़ी रेलवे स्टेशन के सुपुर्द कर दिया। सूचना पर बड़ी तादाद में लोगों के साथ परिजन रोते-बिलखते रेलवे स्टेशन पहुंचे। बताया कि बहेड़ी में मृत महिलाओं के परिजन बिना पोस्टमार्टम के शव अपने साथ ले जाने की तैयारी में लगे थे।