भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि किसानों के उत्थान के लिए सरकार के पास कोई ठोस योजना नहीं है। किसान नीति नहीं होने से किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो हैं। टिकैत यहां प्रेस वार्ता में बोल रहे थे। उन्होंने पुरजोर मांग की कि सरकार प्रत्येक किसान को 25 हजार की सब्सिडी दे और सरकारी नीति लागू कर किसान से आवश्यकतानुसार खेती कराए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसान नीति पर सरकार को जल्द ही कोई फैसला लेना होगा, नहीं तो देशभर में किसान क्रांति होगी।
उन्होंने बताया कि देश में पिछले दो सालों में फसलों के दाम 25 प्रतिशत गिर गए हैं, वहीं खाद और दवाओं के दामों में निरंतर वृद्धि हो रही है। इससे किसान कर्ज में डूबता जा रहा है। इसको रोकने के लिए केंद्र सरकार को कृषि कैबिनेट और किसान आयोग का गठन करना चाहिए। इसके अंतर्गत साइंस टेक्नोलॉजी, फूड, कृषि सहित 18 मंत्रालय हों। इसमें सरकार को किसानों की लागत के अनुरूप फसलों का समर्थन मूल्य का निर्धारण करना होगा। उन्होंने चिंता जताई कि बेमौसमी धान से लगातार जलस्तर घट रहा है यही हाल रहा तो आने वाले 15 सालों में जमीनें बंजर हो जाएंगी। उन्होंने प्रदेश सरकार से यहां भी इस फसल पर हरियाणा और पंजाब सरकार की भांति बैन लगाने की मांग की। बताया कि आस्ट्रेलिया की सरकार वहां के किसान के विकास को गेहूं का मूल्य साढ़े चार हजार प्रति क्विंटल दे रही है। यहां के किसान को भी फसलों का मूल्य अच्छा मिले तो यहां भी उत्पादन बढ़ेगा हम फसलों का निर्यात भी कर सकते हैं। इससे देश का राजस्व भी बढ़ेगा। उनके साथ कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष करम सिंह, जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता, ठाकुर जगदीश सिंह, विनोद गुंबर और जमील खान मौजूद थे।