भगवती बाल सुंदरी का डोला जुलूस के साथ शनिवार मध्यरात्रि में चैती मंदिर के लिए रवाना हुआ और तड़के करीब 4:30 बजे यहां पहुंचा। देवी के दर्शनों के लिए बरेली, पीलीभीत, बिजनौर, हरिद्वार, चंडीगढ़ के श्रद्धालु शनिवार शाम से ही कतार में लगे थे। मेले में रविवार शाम तक करीब एक लाख तक श्रद्धालु माता के दरबार में हाजिरी लगा चुके थे।
शनिवार शाम करीब चार बजे से पंडा विकास अग्निहोत्री के आवास पर भगवती बाल सुंदरी को श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए रखा गया। रात 10 बजे से पुजारी दया कृष्ण जोशी ने पंडा परिवार के सदस्य प्रधान पंडा वंश गोपाल, सहायक प्रधान पंडा मनोज अग्निहोत्री, मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री, पंडा कृष्ण गोपाल, पंडा जतिन अग्निहोत्री, संदीप, शक्ति अग्निहोत्री, शिवा, विवेक को हवन और पूजन कराया।
रविवार तड़के तीन बजे पंडा विकास अग्निहोत्री भगवती बाली सुंदरी की मूर्ति को लेकर डोले में बैठे। इसके बाद जुलूस निकाला गया। जुलूस के आगे विभिन्न संगठनों के करीब 50 दोपहिया वाहनों में सवार युवक माता के जयकारे लगाते चल रहे थे। उनके पीछे डीजे लदे वाहन, ढोल नगाड़े, आतिशबाजी करते लोग हाथों में तलवारें लिए करतब दिखाते चल रहे थे।
जुलूस में करीब एक हजार से अधिक लोग शामिल थे। डोले का जगह-जगह लोग फूल वर्षा कर स्वागत कर रहे थे। जुलूस पक्काकोट, किला मोहल्ला, मुख्य बाजार, एमपी चौक से होते हुए चैती मंदिर पहुंचा। यहां देवी को मंदिर में स्थापित कर पंडा परिवार ने पूजा की। देवी दर्शनों को श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
मेले में उमड़ने लगी भीड़
काशीपुर में भगवती बाल सुंदरी के चैती मेला स्थल में स्थापित होने के बाद से देवी दर्शनों और खरीदारी करने वालों की भीड़ उमड़ने लगी है। मंदिर परिसर में पैर रखने तक की जगह नहीं है। भीड़ नियंत्रण करने में पुलिस को मशक्कत करनी पड़ रही है। दुकानों में खरीदारों और खेल तमाशा देखने वालों की बड़ी संख्या के चलते दुकानदारों के चेहरे खिले हुए हैं।