गावा चौक स्थित नाला मौत का कुआं बनता जा रहा है। बीते छह माह के भीतर ही नाले में आधा दर्जन से अधिक लोग गिरकर चोटिल हो चुके हैं। बावजूद इसके न तो जिला प्रशासन और नहीं नगर निगम इसे बंद करने की जहमत उठा रहा है। मंगलवार की रात भी बाइक सवार ढाई साल की बच्ची नाले में गिर गई, जिसे आसपास के लोगों ने बमुश्किल बाहर निकाला।
शिमला बहादुर निवासी विनय द्विवेदी मंगलवार की रात अपनी पत्नी और ढाई साल की पुत्री के साथ बाइक से काशीपुर रोड की ओर जा रहे थे। इसी बीच उनकी बाइक गावा चौक स्थित नाले के पास अनियंत्रित होकर नाले में जा गिरी। इससे बाइक के आगे बैठी उनकी ढाई साल की पुत्री श्रेया भी नाले में गिर गई। जबकि विनय और उसकी पत्नी नाले में गिरने से बाल बाल बच गए। यह देख विनय और उसकी पत्नी ने शोर मचाया। शोर शराबा सुनकर आसपास के लोग मौके पर एकत्र हुए और नाले में गिरी श्रेया को किसी तरह बाहर निकाला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जानकारी ली। साथ ही आसपास मौजूद लोगों की मदद से नाले में डूबी बाइक को बाहर निकाला। इस दौरान लोगों का कहना था कि जिला प्रशासन और नगर निगम को इस नाले में गिरकर किसी की मौत का इंतजार है। यही कारण है कि कई लोग इस नाले में गिरकर चोटिल हो चुके हैं, लेकिन आज तक इसे बंद करने की जहमत तक नहीं उठाई गई।