रुद्रपुर। एलपीजी सिलिंडर की कमी ने आम लोगों को परेशानी में डाल दिया है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को सिलिंडर पाने के लिए रात दो बजे से ही गैस गोदाम के बाहर कतार लगानी पड़ रही है। इसके बावजूद कई उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार के बाद खाली हाथ लौटना पड़ रहा। बुधवार को पुलिस के पहरे में धक्का-मुक्की के बीच सिलिंडरों की आपूर्ति हुई। सिलिंडर खत्म होने पर एजेंसी में कई बार हंगामे के आसार बनते हुए दिखे।
बुधवार को सुबह होने तक गाबा चौक स्थित एक गैस गोदाम के बाहर सैकड़ों लोगों की लाइन लग चुकी थी। महिलाएं, बुजुर्ग और दिहाड़ी मजदूर घंटों तक कतार में खड़े रहे। कई लोग छोटे बच्चों को साथ लेकर पहुंचे थे। कतार में लगे लोगों का कहना था कि कई दिनों पहले बुकिंग कराने के बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। स्थिति तब और बिगड़ गई जब कुछ ही समय में गोदाम का स्टॉक खत्म हो गया। सिलिंडर खत्म होने की खबर मिलते ही कतार में खड़े लोगों में नाराजगी फैल गई। कई लोगों ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर समय से पर्याप्त आपूर्ति हो तो उन्हें रात से लाइन में खड़े होने की नौबत नहीं आएगी। दिनभर गोदाम के बाहर लोगों की आवाजाही बनी रही। कई लोग शाम और रात तक सिलेंडर मिलने की उम्मीद में डटे रहे। इसी दौरान बड़ी संख्या में लोग नई गैस बुकिंग कराने के लिए भी पहुंचे लेकिन एजेंसी कर्मचारियों ने बताया कि सर्वर डाउन होने के कारण बुकिंग नहीं हो सकी।
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988 रुपये वाले सिलिंडर की 15 सौ तक बिक्री
सिलेंडर की कमी का फायदा उठाकर कालाबाजारी की शिकायतें सामने आने लगी हैं। लोगों का आरोप है कि 14 किलो के घरेलू सिलेंडर की कीमत भी बाजार में करीब 1500 रुपये तक पहुंच गई है। बाहर से गैस भरवाने वालों से मनमाना पैसा वसूला जा रहा है। सामान्य दिनों में 60 से 70 रुपये प्रति किलो के हिसाब से भरी जाने वाली गैस इन दिनों लगभग दोगुने दामों पर बेची जा रही है।
मांग ज्यादा, आपूर्ति हुई कम
गैस एजेंसी मैनेजर प्रमोद पांडे के अनुसार शहर में इन दिनों रोजाना करीब एक हजार एलपीजी सिलेंडरों की जरूरत है। इसके मुकाबले एक गाड़ी में करीब 350 सिलेंडर ही गोदाम तक पहुंच रही है। कभी दो गाड़ियां आती हैं, लेकिन इसके बावजूद मांग पूरी नहीं हो पा रही है। एजेंसी की ओर से अतिरिक्त सिलेंडरों की मांग भी भेजी गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे युद्ध और संभावित गैस किल्लत को लेकर लोगों में अफवाह फैल रही है। इसी कारण कई उपभोक्ता जरूरत से पहले ही सिलेंडर लेने पहुंच रहे हैं, जिससे अचानक भीड़ बढ़ गई है।
लोगों की बातचीत
सुबह चार बजे से लाइन में खड़ी रही, लेकिन सिलेंडर नहीं मिला। घर में चूल्हा ठंडा पड़ा है और बच्चों के लिए खाना बनाना मुश्किल हो गया है। - सीमा देवी, गृहणी
तीन दिन पहले बुकिंग कराई थी। यहां आने पर सिलेंडर खत्म हो गया। सुबह से यहां तीन घंटे लाइन में लगे रहे। सिलिंडर की गाड़ी मोहल्ले में नहीं आ रही है। - रामकिशोर, उपभोक्ता
हमारे पास कार्ड नहीं , ऐसे में पहले एक हजार का सिलिंडर खरीदते थे। अब 15 सौ रुपये में गैस सिलिंडर खरीदना पड़ रहा है। नीतू, होटल व्यवसायी
सुबह से कई बार लोगों में झगड़े की स्थिति बन गई। अगर पुलिस न होती तो मारपीट हो जाती। प्रशासन को इस व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। गैस बुकिंग भी नहीं हो रही है। - हरमिंदर सिंह, उपभोक्ता
कोट
गैस की आपूर्ति नियमित रूप से आ रही है लेकिन इन दिनों मांग अचानक बढ़ गई है। सामान्य दिनों में करीब एक हजार सिलेंडरों की जरूरत रहती है। अफवाहों के कारण लोग ज्यादा संख्या में गैस लेने पहुंच रहे हैं। अतिरिक्त आपूर्ति के लिए डिमांड भेज दी गई है और जल्द स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। - प्रमोद पांडे, प्रबंधक, गैस एजेंसी।