काशीपुर। गदरपुर विधायक अरविंद पांडे ने कहा कि उद्यमी अनूप अग्रवाल दो दिसंबर 2024 से गायब हैं। उनके परिवार को भी प्रताड़ित किया जा रहा है। वह इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलकर न्याय की गुहार लगाएंगे। पांडे शनिवार को मोहल्ला गंज स्थित अग्रवाल के पुराने आवास पर पहुंचे। यहां उन्होंने अनूप की माता उर्मिला देवी के साथ पत्रकारों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रभावशाली नेता और कारोबारी अनूप अग्रवाल लापता हैं। परिजनों ने इस मामले में काशीपुर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। अनूप का अपने परिजनों से आखिरी बार संपर्क होली के दिन हुआ था। उसके बाद से उनका मोबाइल बंद है और वे लापता हैं। पांडे ने कहा कि अगर अनूप अग्रवाल ने कोई अपराध किया है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन उनका अचानक इस तरह गायब हो जाना और पुलिस के चुप्पी साध लेने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि काशीपुर पुलिस लगातार अनूप के ड्राइवर को हिरासत में लेकर उसे परेशान कर रही है। आशंका जताई कि अनूप के साथ कोई अनहोनी हो चुकी है। कहा कि कुछ प्रभावशाली लोग उनके कारोबार पर कब्जा जमाने की कोशिश कर रहे हैं। उनसे उनके परिवार को भी खतरा है। अनूप के परिजनों के साथ मिलकर उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराएंगे। इसमें कुछ बड़े नामों को भी शामिल किया जा सकता है।
फोटो....07पी...विधायक अरविंद पांडे अनूप अग्रवाल की माता उर्मिला देवी के साथ उनके आवास पर। ब्यूरो
कई बार नोटिस देने के बाद भी विवेचना में सहयोग नहीं कर रहे अनूप : एसपी
काशीपुर। गदरपुर विधायक के अनूप अग्रवाल की माता से मिलकर प्रेस वार्ता करने और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाने के ठीक बाद एसपी अभय सिंह ने कोतवाली में प्रेस क्रांफ्रेंस की। एसपी ने बताया कि संबंधित व्यापारी इस मामले में सहयोग नहीं कर रहे हैं, इससे पुलिस की जांच प्रभावित हो रही है। पुलिस ने अनूप अग्रवाल की क्रिमिनल हिस्ट्री निकाली है। अनूप अग्रवाल की मां उर्मिला देवी के लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है।
एसपी ने बताया कि व्यापारी अनूप अग्रवाल व उनके बेटे का नाम एक सोशल मीडिया से जुड़े मुकदमे में प्रकाश में आया था। इस मामले की उनको पूरी जानकारी भी है। अनूप अग्रवाल ने इस मुकदमे में 26 अप्रैल को न्यायालय से अग्रिम जमानत प्रार्थना (एबीए) ले लिया है। इस प्रार्थना पत्र में स्पष्ट लिखा है कि वह पुलिस की विवेचना में अपना पूरा सहयोग करेंगे। बावजूद इसके विवेचना में वह कोई भी सहयोग नहीं कर रहे हैं। पुलिस कई बार नोटिस भी भेज चुकी है। वहीं ऐसी स्थिति में पुलिस उनके कर्मचारी, नाते रिश्तेदारों से पूछताछ कर रही है। जबकि एबीए लेने के बाद वह स्वयं कोतवाली आकर अपने बयान दर्ज करा सकते हैं। एसपी ने कहा कि उन्हें किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होगी। उनके खिलाफ पूर्व में भी पांच और केस दर्ज हैं, जिनकी चार्जशीट कोर्ट में लगाई जा चुकी है। सोशल मीडिया वाले केस में उनके सहयोग न करने से उनके निकटतम संबंधित लोगों से पूछताछ करना पड़ रहा है। परिजन जो भी आरोप लगा रहे हैं वह निराधार हैं। पुलिस का इसके अलावा कोई उद्देश्य नहीं है वह अपना सहयोग पुलिस को दें।