काशीपुर। धोखाधड़ी से जमीन का फर्जी बैनामा कराकर लाखों रुपये की रकम हड़पने के आरोप में कुंडा व आईटीआई थाने में अलग-अलग मामलों में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
आईटीआई पुलिस को दी तहरीर में दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन स्थित रिट्रीट अपार्टमेंट निवासी मुकेश कुमार ने कहा है कि वर्ष 2007 में उन्होंने महुआखेड़ा गंज स्थित नंदनगर इंडस्ट्रियल एस्टेट के फेज-एक में औद्योगिक इकाई स्थापित करने के उद्देश्य से एक भूखंड काशीपुर निवासी विनय कुमार जिंदल से करीब 15 लाख रुपये में खरीदा था। भूखंड पर चहारदीवारी, शेड, कमरा और अन्य निर्माण था। तभी से यह भूखंड उनके कब्जे में हैं। आरोप है कि विनय कुमार जिंदल व उनके पुत्र अंशुल जिंदल ने 13 सितंबर 2024 को उनकी जानकारी के बिना भूखंड का बैनामा दिल्ली निवासी नरगिस जहां और मोहम्मद अनस के नाम कर दिया। विरोध करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी।
उधर, पीरुमदारा, रामनगर निवासी भूतपूर्व सैनिक ओम सिंह रावत ने एसएसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि वर्ष 2017-18 में उन्होंने अपनी पत्नी जसुली देवी के नाम पर ठाकुरद्वारा के शाहगंज बार्डर पर काशीपुर निवासी बिल्डर शाकिर अली, एहसान अली और निजामुद्दीन से 22.40 लाख रुपये का प्लॉट खरीदा था और उसका बैनामा भी कराया था। दाखिल-खारिज की प्रक्रिया के दौरान राजस्व विभाग से जानकारी मिली कि जिस भूमि का बैनामा कराया गया है वो भूमि राजस्व अभिलेखों में किसी अन्य के नाम दर्ज है। उन्होंने इस मामले में शिकायत की तो आरोपियों ने पुलिस की मौजूदगी में एक समझौता नामा लिखकर वर्ष 2025 में उन्हें उक्त राशि का चेक दे दिया। बैंक में प्रस्तुत करने पर चेक बाउंस हो गया। सीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि दोनों मामलों में आरोपियों के खिलाफ आईटीआई व कुंडा थानों में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले में जांच की जा रही है।