रुद्रपुर। धोखाधड़ी के आरोप में एक हफ्ते से सुर्खियों में चल रही सामिया लेक सिटी पर पांच अन्य लोगों ने भी लाखों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। इसमें ऊर्जा निगम के एसडीओ समेत अन्य लोग भी शामिल हैं। एसएसपी के अनुसार सोसाइटी में सिर्फ प्लॉट दिखाए जाते हैं, जबकि रुपये ले लेने के बाद लोगों को वहां कब्जा और रजिस्ट्री नहीं मिलती है।
11 अप्रैल को लालकुआं निवासी शहजाद खान ने पुलिस को सौंपी तहरीर में बताया था कि वर्ष 2011-12 में उन्होंने और उनके परिवार के चार लोगों ने सामिया लेक सिटी में पांच फ्लैट लेने के लिए करीब 56 लाख रुपये सोसाइटी संचालकों को दिए थे। इसके बावजूद उन्हें फ्लैट नहीं मिला। पिछले करीब 10 साल से सोसाइटी स्वामी जमील अहमद खान और प्रबंधन सगीर खान उनके साथ टालामटोली कर रहा था। पुलिस ने पांच केस दर्ज कर सोसाइटी प्रबंधक सगीर खान और मार्केटिंग एजेंट तस्लीम खान को गिरफ्तार जेल भेज दिया था। संचालक जमील अहमद खान का अब तक पता नहीं चल सका है।
मंगलवार को पुलिस कार्यालय में ऊर्जा निगम के एसडीओ समेत पांच लोगों ने पहुंच कर अपनी आप बीती सुनाई। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने पीड़ितों के मामले की जांच कर सोसाइटी संचालकों के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया है। एसएसपी ने बताया कि जब सोसाइटी में कोई फ्लैट लेने जाता है तो संचालक उसे निर्माणाधीन फ्लैट दिखा देते हैं। इसके बाद एडवांस रुपये लेकर फ्लैट उसके नाम करने की बात करते हैं। लेकिन बाद में किसी को भी वह फ्लैट नहीं मिलता है।
केस - 1
ऊर्जा निगम के एक एसडीओ दिनेश शर्मा ने बताया कि करीब 10 वर्ष पहले उन्होंने और उनके दो भाईयों ने मिल कर सामिया सिटी में तीन फ्लैट लेने का इरादा किया था। इस दौरान सोसाइटी संचालकों ने उनके मुताबिक का फ्लैट उन्हें देने का वायदा किया। इसके एवज में संचालकों ने उनसे करीब 15 लाख रुपये लिए लेकिन अब तक उन्हें फ्लैट नहीं मिल सका।
केस - 2
दिल्ली निवासी अविनाश वर्मा ने पुलिस कार्यालय पहुंच कर बताया कि करीब 10 वर्ष पहले उसने सामिया लेक सिटी में फ्लैट लेने के लिए करीब 25 लाख रुपये जमा किए थे।अब तक उन्हें फ्लैट नहीं मिल सका है।
केस - 3
शहर निवासी साक्षी बत्रा ने फफकते हुए बताया कि करीब सात वर्ष पहले उन्होंने किस्त के तौर पर सामिया लेक सिटी एक फ्लैट लेने का आवेदन किया था। इस दौरान वह किस्त के तौर पर करीब पांच लाख रुपये दे चुकी है। हाल ही में उनके पति की मृत्यु हुई है। इसके बावजूद उन्हें फ्लैट नहीं मिला।
केस - 4
हल्द्वानी निवासी बंशीधर रेवाड़ी ने बताया कि करीब 10 वर्ष पहले उन्होंने सामिया लेक सिटी में फ्लैट लेने के लिए लाखों रुपये जमा किए थे लेकिन निर्माणाधीन फ्लैट दिखाने के बाद उन्हें अब तक असल में फ्लैट नहीं मिला।
केस - 5
शहर निवासी दीपक कुमार शर्मा ने बताया कि कई वर्ष पहले सामिया लेक सिटी में फ्लैट लेने के लिए उन्होंने लाखों रुपये जमा किए थे। लेकिन अब तक उन्हें वहां फ्लैट नहीं मिल सका। सोसाइटी संचालक लगातार उनके साथ टाल मटोली कर रहे हैं।
गठित होगी एसआईटी
रुद्रपुर। सामिया लेक सिटी में करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद एसएसपी ने इस मामले में एसआईटी गठित करने की बात की है। एसएसपी ने बताया कि एसपी सिटी मनोज कत्याल के पर्यवेक्षण में एक एसआईटी गठित की जाएगी। सीओ सिटी के नेतृत्व में एसएचओ विक्रम राठौर मामले की जांच करेंगे।
10 साल बाद सामने आया फर्जीवाड़ा, उठे सवाल
रुद्रपुर। पिछले करीब 10 साल से शहर की सामिया लेक सिटी में चल रहा फर्जीवाड़ा अब सामने आ रहा है। 10 साल बाद फर्जीवाड़ा सामने आने से सवाल उठ रहा है कि इतने दिनों तक पीड़ित और पुलिस क्या करती रही। एसएसपी ने बताया कि सोसाइटी संचालक लगातार लोगों को झांसे में बहलाया करते थे। फ्लैट देने के लिए आज-कल की बात कर लोगों को टालते रहते थे। इससे पीड़ित भी आश्वस्त होकर कार्रवाई नहीं करते थे। लंबा समय होने के बाद अब पीड़ित सामने आ रहे हैं।