जिले के गंभीर टीबी मरीजों को अब एमडीआर टेस्ट के लिए अन्यत्र रेफर नहीं करना पड़ेगा। केंद्र सरकार के आरएनटीसीपी (रिवाइज्ड नेशनल ट्यूबरकुलॉसिस कंट्रोल प्रोग्राम) के तहत ऊधम सिंह नगर में प्रदेश का चौथा डीडीआर टीबी सेंटर खुल गया है। फिलहाल सेंटर में एक मरीज को इलाज के लिए भर्ती किया गया है।
उत्तराखंड में वर्ष 2003 से संचालित आरएनटीसीपी के तहत अब तक देहरादून, हरिद्वार व नैनीताल में टीबी के गंभीर रोगियों के एमडीआर टेस्ट के लिए डीडीआर टीबी सेंटर (डिस्ट्रिक ड्रग रेसिस्टेंट) खुले थे। अब ऊधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर स्थित जवाहर लाल नेहरू जिला चिकित्सालय में भी प्रदेश का चौथा डीडीआर टीबी सेंटर खुल गया है।
जिला अस्पताल व निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज से जुड़े इस डीडीआर टीबी सेंटर में दो-दो बेड के महिला व पुरुष वार्ड तैयार किए गए हैं। अब तक एमडीआर (मल्टी ड्रग्स रेसिस्टेंट) टेस्ट के लिए जिले के टीबी मरीजों को हल्द्वानी, हरिद्वार व देहरादून भेजा जाता था। जिले में एमडीआर के 56 मरीज चिह्नित हैं।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. हरेंद्र मलिक ने बताया कि सेंटर में अभी एमडीआर के एक मरीज का इलाज शुरू किया गया है। जल्द ही अन्य एमडीआर मरीजों का इलाज शुरू किया जाएगा। डीडीआर टीबी सेंटर के लिए फिजिशियन, कॉर्डियोलॉजिस्ट, सर्जन आदि डॉक्टरों की कमेटी गठित की गई है। स्वास्थ्य विभाग के पास टीबी मरीजों के लिए दवा की पर्याप्त व्यवस्था है।
पिथौरागढ़ में भी जल्द डीडीआर सेंटर खुलने की उम्मीद
रुद्रपुर। कुमाऊं मंडल में नैनीताल व ऊधम सिंह नगर जिले के बाद अब पिथौरागढ़ जिले में भी डीडीआर टीबी सेंटर प्रस्तावित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, उत्तराखंड में कुल सात जिलों में डीडीआर टीबी सेंटर खुलने हैं। पिथौरागढ़ में डीडीआर टीबी सेंटर जल्द खुलने की उम्मीद है।