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Accident: नन्हे मेहमान के स्वागत के लिए सजाया था घर, नवजात समेत चार की मौत; परिजनोंं का रो-रोकर बुरा हाल

Thu, 26 Jun 2025 12:28 PM IST
हीरा मेहरा सुरेंद्र खुराना, संवाद

सार

बरा गांव निवासी राकेश राठौर की पत्नी रामा ने रविवार को हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में बेटे को जन्म दिया था। घरवालों के लिए यह किसी त्योहार से कम नहीं था। लेकिन विधाता को कुछ और ही मंजूर था। सड़क हादसे में नवजात समेत चार की मौत हो गई।
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हादसे की सूचना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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किच्छा के बरा गांव निवासी राकेश राठौर की पत्नी रामा ने रविवार को हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में बेटे को जन्म दिया था। घरवालों के लिए यह किसी त्योहार से कम नहीं था। पैदा होते ही चाचा-चाची, ताऊ ताई जैसे कई रिश्तों को भी जन्म देने वाले नन्हे मेहमान के स्वागत के लिए घर के बच्चों ने कोई कसर नहीं छोड़ी थी। बहनों ने रंगोली बनाई तो भाइयों ने गुब्बारों से घर सजाया। आंगन में रंगों से 'वेलकम बेबी' लिखकर सभी नन्हे मेहमान के दीदार के लिए बेताब थे लेकिन... विधाता को कुछ और ही मंजूर था। जिस घर में मंगलवार तक किलकारियों की गूंज की कल्पना हो रही थी, उसके हर कोने से बुधवार सुबह चीत्कार सुनाई दी।

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बेटे के जन्म से राकेश के परिवार में हर कोई खुश था। मंगलवार को दिनभर बधाई देने वालों का तांता लगा था। अपने भाई के स्वागत के लिए राकेश की बेटियों और भतीजे-भतीजियों ने रंगोली बनाई थी। काव्या, रियांशी, अमित, संजय, सुमित, अभिषेक, आयुष, कार्तिक और संजना ने रंगों से दहलीज पर वेलकम बेबी लिखा था। घर को सजाने के लिए गुब्बारे भी लगाए गए थे। रात में बच्चे नए मेहमान को देखने के लिए बार-बार वीडियोकॉल करते रहे।

सुबह सभी बेसब्री से नवजात के घर आने की प्रतीक्षा कर रहे थे लेकिन हल्द्वानी में हुई अनहोनी में नवजात सहित परिवार के चार सदस्यों की मौत ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया। जहां कुछ समय पहले खुशियों ने डेरा जमाया था, वहां अब हर तरफ मातम पसर गया। बच्चों से लेकर बड़ों तक की दर्द भरीं चीत्कारें सुबह के सन्नाटे को चीरते हुए लोगों के रोंगटे खड़ी करने लगीं। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण राकेश के घर की ओर दौड़ पड़े। उन्होंने परिजनों को ढाढ़स बंधाया। 
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2018 में हुई थी राकेश की शादी
राकेश और उसके भाई बबलू, रमेश और हरवंश राठौर के घर एक ही परिसर में हैं। ग्रामीणों के अनुसार साल 2018 में उसका विवाह बंजरिया बहेड़ी निवासी रामा देवी के साथ हुआ था। दंपती की दो बेटियां रियांशी और काव्या हैं। राकेश के भाई हरवंश ने बताया कि हल्द्वानी से जच्चा-बच्चा को लाने के लिए गांव के ही जितेंद्र गंगवार की एक्सयूवी मांगी गई थी। स्कूल बस चलाने वाले गांव के ही श्याम लाल इसे लेकर हल्द्वानी गया था। वहां से लौटते समय हादसा हो गया। हादसे की सूचना पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी प्रसाद गंगवार, सुरेश पपनेजा आदि ने बरा गांव पहुंचकर परिवार को सांत्वना दी।

दुकान चलाता था
राकेश के परिवार की आजीविका खेतीवाड़ी से चलती थी। राकेश ने जीवन यापन के लिए अपने घर से वाहर दो दुकानें खोली थीं। एक दुकान में किराने का सामान तो दूसरे में कॉपी-किताबों की बिक्री होती थी। परिवार में राकेश के अलावा बबलू, रमेश व हरवंश तीन और भाई थे

काश! किच्छा सीएचसी में ही हो जाता रामा का प्रसव
राकेश के भाई हरवंश ने बताया कि रियांशी और काव्या का जन्म किच्छा अस्पताल में नॉर्मल डिलीवरी से हुआ था। सोमवार को डिलीवरी के लिए रामा देवी को सीएचसी ले जाया गया तो उसे वहां से जिला अस्पताल रुद्रपुर रेफर कर दिया गया। रुद्रपुर ले जाने पर एसटीएच हल्द्वानी रेफर किया गया। वहां सोमवार को रामा ने पुत्र को जन्म दिया था। जब रामा देवी का प्रसव पीड़ा हुई तो राकेश अपनी भाभी नीतू और भाई रमेश साथ गए थे। कहा कि रामा देवी की डिलीवरी किच्छा सीएचसी में हो जाती तो उनका परिवार बर्बाद ना होता। 

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