गांव भूड़ी बन्नाखेड़ा में तेंदुए ने हमला कर वृद्ध महिला सहित चार लोगों को घायल कर दिया। महिला को सीएचसी में भर्ती कराया गया। जहां से डाक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। हमले के बाद तेंदुआ झाड़ियों के पास पुलिया में जाकर छिप गया। सूचना पर पहुंची जंगलात टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद ट्रैंकुलाइजर गन से बेहोश कर तेंदुए को पकड़ लिया। शाम को तेंदुए को घने जंगल में छोड़ दिया गया। इधर, देर रात करीब 8:30 बजे घटनास्थल से करीब डेढ़ सौ मीटर दूरी पर फिर तेंदुआ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। समाचार लिखे जाने तक वन विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा था।
शुक्रवार सुबह करीब सात बजे गांव भूड़ी बन्नाखेड़ा निवासी कुंती देवी (62) जंगल की ओर जा रही थी। रास्ते में झाड़ियों में घात लगाए बैठे तेंदुए ने हमला कर उसे घायल कर दिया। शोर सुनकर लाठी डंडे लेकर पहुंचे ग्रामीणों ने कुंती को बमुश्किल बचाया। इस दौरान तेंदुए ने हमला कर आनंद सिंह, लक्ष्मण सिंह और मनोहर को भी आंशिक रूप से घायल कर दिया। भीड़ को देख तेंदुआ कुछ दूरी पर झाड़ियां के पास पुलिया में जाकर छिप गया। तेंदुए की गुर्राने की आवाज से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। इस पर भारी संख्या में लोग लाठी-डंडे लेकर मौके पर एकत्र हो गए।
सूचना पर एसडीओ कलम सिंह बिष्ट, रेंजर नवीन पवार, रेंजर संतोष पंत, रेंजर एमसी पंत, डिप्टी रेंजर पीसी जोशी, डा. दुष्यंत, डा. आयूष पूरन गोस्वामी, एएसपी आयूष अग्रवाल, सीओ एमसी बिंजौला पुलिस बल के साथ पहुंचे। जंगलात टीम ने पुलिया और झाड़ियों के चारों ओर जाल बिछाकर ट्रैंकुलाइजर गन से तेंदुए को बेहोश कर पिंजरे में कैद किया। इसके बाद जंगलात की टीम तेंदुए को बन्नाखेड़ा रेंजर कार्यालय ले गई। शाम करीब सात बजे डीएफओ नेहा वर्मा की मौजूदगी में तेंदुए को घने जंगल में छोड़ दिया गया। इधर, ग्राम प्रधान हीरा सिंह ने बताया कि रात करीब 8:30 बजे गांव के पास ही एक और तेंदुआ दिखाई पड़ा। इस संबंध में उन्होंने वन विभाग को सूचना दी थी, लेकिन देर रात तक विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा था।
तेंदुए की दहशत में बंद रहा गांव का स्कूल
गांव भूड़ी बन्नाखेड़ा में तेंदुए की दस्तक से ग्रामीण बहुत भयभीत हो गए। बताते हैं कि गांव भूड़ी स्थित जनजाति प्राथमिक विद्यालय शुक्रवार को बंद रहा, जबकि नजदीक के केलाबंदवारी, मझरा खुशालपुर के प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को कमरों में ही रखा। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद ही बच्चे कक्षों से बाहर निकले। एबीईओ प्रेमा बिष्ट ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा के लिए बच्चों को कमरों में बंद कर दिया गया था। स्कूल बंद रहने का मामला उनके संज्ञान में नहीं है।
तेंदुए का आतंक लगातार बरकरार
29 सितंबर 2017 को तेंदुए ने गांव गोबरा निवासी दो वर्षीय हरमीत सिंह को निवाला बानाया था।
एक अक्तूबर 2017 को अमर सिंह पर हमला
03 फरवरी 2018 को गोबरा में तेंदुए का बच्चा मिला।
04 फरवरी 2018 को गोबरा में कुत्ते को निवाला बनाया।
27 अप्रैल 2018 को तेंदुए के बच्चे ने के हमले से भूड़ सिंह जख्मी
01 मई 2018 को बन्नाखेड़ा निवासी बलवीर सिंह पर हमला।
01 मई 2018 को बन्नाखेड़ा जंगल सीमा नाले में घायल मिला तेंदुए की इलाज के दौरान मौत