रुद्रपुर। पहले से ही बसों की कमी से जूझ रहे रुद्रपुर रोडवेज डिपो की मुश्किलें और बढ़ने जा रही हैं। डिपो के बेड़े में शामिल चार अनुबंधित बसों का छह वर्ष का अनुबंध पूरा होने के कारण उनका संचालन बंद होने की स्थिति बन गई है। इससे डिपो के बस बेड़े में और कमी आ जाएगी।
उत्तराखंड परिवहन निगम में अनुबंधित बसों का संचालन निर्धारित अवधि के लिए किया जाता है। छह वर्ष की अनुबंध अवधि पूरी होने के बाद इन बसों का संचालन समाप्त कर दिया जाता है। रुद्रपुर डिपो की चार बसों का अनुबंध भी अब समाप्त हो रहा है जिसके चलते इन्हें बेड़े से बाहर किया जाएगा। नई अनुबंधित बसें समय पर नहीं मिलने की स्थिति में डिपो का सीमित संसाधनों के साथ ही संचालन करना पड़ सकता है।
रुद्रपुर डिपो पहले से ही बसों की कमी से जूझ रहा है। कुछ माह पहले भी डिपो ने मुख्यालय को पांच नई बसों की मांग का प्रस्ताव भेजा था। डिपो के अधिकतर वाहन सात से आठ वर्ष पुराने हो चुके हैं जिससे संचालन और रखरखाव की चुनौती लगातार बढ़ रही है। बसों की संख्या घटने से दिल्ली, देहरादून, हल्द्वानी, काशीपुर और स्थानीय रूटों पर फेरे प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। त्योहारों और अवकाश के दौरान यात्रियों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। एआरएम मधुसूदन मिश्रा ने कहा कि मुख्यालय से नई अनुबंधित बसें उपलब्ध कराने के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है ताकि यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिल सके और डिपो में बसों की कमी को जल्द दूर किया जा सके।