रोडवेज डिपो में चार बसें अपनी मियाद पूरी कर चुकी हैं। इन बसों को मार्ग से हटाकर कार्यशाला में खड़ा कर दिया गया है।
रोडवेज डिपो में 54 बसों का बेड़ा है। इसमें 39 निगम और 15 अनुबंधित बसें हैं। कर्मचारियों की कमी के चलते रोज निगम की 28 बसों का संचालन होता है। निगम ने मियाद पूरी कर चुकी बसों की निलामी के लिए सूची मांगी थी। इसमें कालागढ़ मार्ग की यूके07पीए0922, दिल्ली मार्ग की यूके07पीएम0918, हरिद्वार मार्ग की यूके07पीए0931 और यूके07पीए0915 बसें अपनी मियाद पूरी कर चुकी है।
कार्यशाला से मिली जानकारी के अनुसार के आठ लाख किलोमीटर या आठ साल पूरे करने पर बसों की मियाद को पूरा माना जाता है। इन बसों के मार्ग से हटने के बाद डिपो में 50 (35 निगम और 15 अनुबंधित) बसों का बेड़ा रह गया है। मुख्यालय के आदेश पर ऑक्शन बसों को मार्ग से हटाकर कार्यशाला में खड़ा कर दिया गया है। वर्ष 2016 में निगम की छह बसें पहले ही मियाद पूरी कर चुकी हैं। मुख्यालय को भेजी गई सूची में दो और बसों की मियाद भी जल्द ही पूरी होने वाली है। इन बसों का आदेश आने पर इन्हें भी रूटों से हटाया जाएगा।
वहीं मंडलीय प्रबंधन काठगोदाम डिपो में बसों को खड़ा करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं होने पर पिछले एक साल से छह बसे काशीपुर डिपो में ही खड़ी हैं। वरिष्ठ केंद्र प्रभारी रमेश रौतेला ने बताया कि मुख्यालय के आदेश पर मियाद पूरी कर चुकी चार बसों को मार्ग से हटाकर कार्यशाला के बाहर खड़ा करा दिया है। संचालन पूरा हो रहा है।