देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में शामिल काशीपुर के आईआईएम का कैंपस पूरी तरह इको फ्रैंडली होगा। कैंपस में सुंदर वातावरण समेत सोलर प्लांट से बिजली बनाकर कैंपस को रोशन किया जाएगा। संस्थान में होने वाले कचरे को बायोगैस प्लांट में ले जाकर गैस तैयार की जाएगी।
काशीपुर के कुंडेश्वरी में आईआईएम कैंपस का सुंदरीकरण कार्य तेजी से चल रहा है। वर्तमान में नए कैंपस में पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम एंड मैनेजमेंट (पीजीपी) का एक बैच भी चल रहा है। आईआईएम कैंपस को पूरी तरह इको फ्रैंडली बनाया जा रहा है। संस्थान के अधिकारियों के मुताबिक कैंपस में ही करोड़ों रुपए की लागत से तीन मेगावाट का सोलर प्लांट बनाया जा रहा है। संस्थान सोलर प्लांट से उत्पादित बिजली का प्रयोग तो करेगा ही साथ ही बची हुई बिजली ऊर्जा निगम को भी देगा।
संस्थान से निकलने वाले कचरे का प्रयोग बायोगैस प्लांट के माध्यम से गैस के रूप में किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक पूरे कैंपस को प्रदूषण रहित रखने के लिए यह काम किए जा रहे हैं। आईआईएम के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कैप्टन एमसी जोशी ने बताया कि यूपीसीएल के सहयोग से तीन मेगावाट का सोलर प्लांट बनाया जा रहा है। बायोगैस प्लांट का निर्माण भी चल रहा है। कैंपस को पूरी तरह से इको फ्रैंडली बनाया जा रहा है।
कुंडेश्वरी कैंपस में इस साल से दो और बैच शुरू होंगे
इस साल कैंपस का विधिवत उद्घाटन हो जाएगा। जून से पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम एंड मैनेजमेंट (पीजीपी) के अन्य दो बैच भी कुंडेश्वरी स्थित कैंपस में चलने शुरू हो जाएंगे। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कैप्टन एमसी जोशी ने बताया कि एक साथ खुले छह आईआईएम में से काशीपुर पहला संस्थान होगा जो सबसे पहले अपने कैंपस में क्लास शुरू करेगा।
स्टेट ऑफ आर्ट्स कैंपस में दिखेगी काशीपुर की झलक
आईआईएम में विश्व स्तरीय स्टेट ऑफ आर्ट्स कैंपस भी बनाया जा रहा है। इसमें काशीपुर के पुरातात्विक स्थानों की झलक भी दिखाई देगी। वर्चुअल क्लास रूम में होगा। इससे छात्र विदेशों में पढ़ा रहे शिक्षकों से ऑनलाइन किसी भी विषय में आसानी से शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।