सितारगंज। कौशल विकास और सेवायोजन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने आईटीआई सितारगंज में 7.65 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अतिरिक्त कार्यशाला भवन का भूमि पूजन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने टाटा टेक्नोलॉजी की कार्यशाला का निरीक्षण किया और वहां स्थापित आधुनिक मशीनों की सराहना की। मंत्री बहुगुणा ने कहा कि सरकार युवाओं को तकनीकी शिक्षा और कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से रोजगार उपलब्ध करा रही है।
कैबिनेट मंत्री बहुगुणा ने बताया कि प्रवेश वर्ष 2025 में राज्य के 32 आईटीआई संस्थानों में दोहरी प्रशिक्षण प्रणाली (डीएसटी) संचालित हो रही थी। अब यह संख्या बढ़कर 50 हो गई है। यह विस्तार युवाओं के लिए बेहतर अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि 16 आईटीआई संस्थानों के लिए वी-गार्ड कंज्यूमर प्रोडक्ट लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। दो आईटीआई संस्थानों के लिए टाटा ऑटोकोम पंतनगर के साथ भी समझौता ज्ञापन हुआ है। उन्होंने बताया कि सहसपुर स्किल हब सेंटर के तहत पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खोले गए हैं। इन केंद्रों में प्रशिक्षणार्थियों के आवास और भोजन की व्यवस्था भी सरकार वहन करेगी।
उन्होंने बताया कि विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के तहत 52 प्रशिक्षणार्थियों को विदेश में रोजगार के लिए भेजा गया है। अल्मोड़ा में भी इसी प्रकार का रोजगार प्रकोष्ठ खोले जाने की योजना सरकार बना रही है। उन्होंने स्थानीय उद्योगों से अपील की कि आईटीआई से प्रशिक्षित छात्रों को रोजगार के अवसर दें।
सितारगंज सिडकुल इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष कृष्ण सत्यवली ने कहा कि कंपनियां तकनीकी शिक्षा प्राप्त स्थानीय युवाओं को रोजगार दे रही हैं। निदेशक संजय कुमार ने आईटीआई में बन रहे कार्यशाला भवन से मिलने वाले लाभ की जानकारी दी।
वहां ब्लॉक प्रमुख उपकार सिंह बल, आरएम रविंद्र सिंह, एमएसएमई के डीजीएम गोपाल वेलकर, संयुक्त निदेशक मयंक अग्रवाल, प्रधानाचार्य लोकेश चंद्र भट्ट, रेशम सिंह, मदन लाल, रमेश चंद्र शर्मा, विजय नेगी, सुभाष चंद्र डबराल, रामकुमार, ललित गोस्वामी, कुलदीप कन्याल, रमन चौधरी, साहब सिंह आदि थे।